महाराष्ट्र में सरकारी, वन भूमि पर 2011 से पहले बसी झुग्गी बस्तियों को सुरक्षित रखा जायेगा: मंत्री

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महाराष्ट्र में सरकारी, वन भूमि पर 2011 से पहले बसी झुग्गी बस्तियों को सुरक्षित रखा जायेगा: मंत्री

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  • Publish Date - July 9, 2026 / 07:15 PM IST,
    Updated On - July 9, 2026 / 07:15 PM IST

मुंबई, नौ जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने एक जनवरी, 2011 से पहले सरकारी या वन भूमि पर बने सभी अनधिकृत घरों को सुरक्षित रखे जाने की बृहस्पतिवार को घोषणा की।

सरकार ने कहा कि जहां इन अवैध झुग्गी बस्तियों को नियमित करना संभव नहीं होगा, वहां रहने वालों का पुनर्वास किया जाएगा।

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में कहा, ‘‘एक जनवरी, 2011 से पहले निर्मित घरों में रहने वाले किसी भी पात्र निवासी को बेघर नहीं किया जाएगा। सरकार सभी पात्र लाभार्थियों का पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’

उन्होंने कहा कि इन बस्तियों का व्यापक सर्वेक्षण तीन महीने के अंदर किया जाएगा और पुनर्वास योजना तैयार की जाएगी।

इस फैसले में सरकारी, वन, महाराष्ट्र शहर एवं औद्योगिक विकास निगम और केंद्र एवं राज्य सरकारों के अन्य प्राधिकरणों की जमीन पर बसी झुग्गियां शामिल होंगी।

मंत्री ने कहा कि ऐसी झुग्गियों के पात्र निवासियों का पुनर्वास झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए), महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएचएडीए) और अन्य सरकारी आवासीय एजेंसियों की योजनाओं के जरिए किया जाएगा।

सर्वेक्षण की देखरेख और पुनर्वास की रूपरेखा तैयार करने के लिए कोंकण के संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई है, जिसमें मुंबई शहर और मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सदस्य के तौर पर शामिल किये गये हैं।

भाषा राजकुमार जितेंद्र

जितेंद्र