मुंबई, 12 अगस्त (भाषा) कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने बुधवार को आरोप लगाया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मानसून से पहले किए गए कार्यों में लापरवाही बरती, जिसके कारण साकीनाका इलाके की एक चॉल भूस्खलन की चपेट में आ गई और सात लोगों की मौत हो गई।
वर्षा ने आरोप लगाया कि बीएमसी प्रशासन ने अप्रैल में उनके अनुरोध पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसमें कुर्ला और घाटकोपर के संवेदनशील क्षेत्रों का सुरक्षा ऑडिट करने और खतरनाक स्थानों पर सुरक्षात्मक दीवारें बनाने की बात कही गई थी।
बुधवार तड़के भारी बारिश के बाद उपनगरीय घाटकोपर के साकीनाका इलाके में एक चॉल भूस्खलन की चपेट में आ गई, जिससे सात लोगों की मौत हो गई और इतने ही लोग घायल हो गए।
दो और लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका के मद्देनजर बचाव अभियान देर शाम तक जारी रहा।
वर्षा ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से संवेदनशील क्षेत्रों के ऑडिट और सुरक्षात्मक दीवारों के निर्माण की मेरी मांग पर बहुत कम काम किया गया।’’
उन्होंने भूस्खलन के लिए जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
वर्षा ने बीएमसी पर मानसून से पहले पर्याप्त निवारक उपाय न करने और त्रासदी होने के बाद ही कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
भाषा संतोष पारुल
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