नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) भारत और दक्षिण अफ्रीका की अगुवाई वाले दक्षिण अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) ने आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए तरजीही व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करने का खाका बुधवार को तैयार कर लिया।
दोनों पक्षों के मुख्य वार्ताकारों ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में यहां बातचीत के लिए संदर्भ एवं शर्तों (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए। टीओआर में व्यापार वार्ता के व्यापक दायरे और बातचीत के मुद्दों की रूपरेखा तय की जाती है।
एसएसीयू समूह में दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, एस्वातिनी, लेसोथो और नामीबिया शामिल हैं। दोनों पक्षों का लक्ष्य एक साल के भीतर व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी करना है।
तरजीही व्यापार समझौते के तहत दो व्यापारिक साझेदार कई वस्तुओं पर एक-दूसरे को सीमा शुल्क में रियायत देते हैं, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने में मदद मिलती है।
गोयल ने कहा कि बातचीत शुरू होने के करीब 20 साल बाद आज टीओआर पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी हुई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2006 में इस वार्ता को मंजूरी दी थी, लेकिन पांच दौर की बातचीत के बाद 2010 में यह प्रक्रिया रुक गई थी।
उन्होंने कहा, ‘भारत पहले ही दक्षिण अफ्रीकी देशों का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। भारतीय कंपनियां स्वास्थ्य एवं दवा, सूचना प्रौद्योगिकी, वाहन विनिर्माण और बुनियादी ढांचा विकास समेत कई क्षेत्रों में वहां मौजूद हैं। भारतीय कंपनियों ने वहां निवेश किया है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं।’
एसएसीयू में दक्षिण अफ्रीका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच व्यापार वित्त वर्ष 2025-26 में 13.55 प्रतिशत घटकर 15.56 अरब डॉलर रह गया, जो 2024-25 में 18 अरब डॉलर था। इसमें भारत का निर्यात सात अरब डॉलर और आयात 8.56 अरब डॉलर रहा।
भाषा प्रेम प्रेम योगेश
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