दिग्गज गायिका आशा भोसले की आवाज हमेशा के लिए खामोश

दिग्गज गायिका आशा भोसले की आवाज हमेशा के लिए खामोश

दिग्गज गायिका आशा भोसले की आवाज हमेशा के लिए खामोश
Modified Date: April 12, 2026 / 06:28 pm IST
Published Date: April 12, 2026 6:28 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

मुंबई, 12 अप्रैल (भाषा) अपनी अनूठी आवाज से हिंदी पार्श्व गायन में अलग मुकाम हासिल करने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं।

उन्होंने अपनी बहन तथा महान गायिका लता मंगेशकर की छाया में रहकर अपनी अलग पहचान बनाई थी।

भोसले को शनिवार शाम सीने में संक्रमण और कमजोरी के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पोती जनाई भोसले ने यह जानकारी दी थी।

भोसले ने परंपराओं को तोड़ते हुए सिनेमा में महिलाओं की आवाज को गहराई दी, चाहे वह ‘हम इंतजार करेंगे’ में विरह से भरी मीना कुमारी हों या ‘पिया तू अब तो आजा’ में बेबाक और मदहोश हेलेन हों।

उनके बेटे आनंद ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘लोग कल पूर्वाह्न 11 बजे लोअर परेल स्थित कासा ग्रांदे में उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकते हैं, जहां वह रहती थीं। उनका अंतिम संस्कार कल शाम चार बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।’’

‘आजा, आजा’ पर श्रोताओं को थिरकने पर मजबूर करने वाली और उतनी ही कुशलता से ‘चैन से हम को कभी’ में बिछड़े प्रेम का दर्द भी महसूस कराने वाली उनकी आवाज ने कई पीढ़ियों तक भारतीयों के बचपन और युवावस्था को संवारा। और अब उनके निधन पर लाखों लोग शोक में डूबे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दशकों तक विस्तारित भोसले की असाधारण संगीतमय यात्रा ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ।

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक, आशा भोसले जी के निधन से मैं बेहद दुखी हूं। उनके साथ हुई बातचीत की यादें मेरे दिल में हमेशा बसी रहेंगी। उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। वह पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत हमेशा लोगों के जीवन में गूंजते रहेंगे।”

आशा ने अपनी बहन लता के साथ मिलकर सात दशकों तक हिंदी पार्श्व गायन की दुनिया पर राज किया। बॉलीवुड में फिल्मी अभिनेत्रियों के लिए रिकॉर्ड किए गए लगभग हर फिल्मी गाने में उन्होंने अपनी आवाज दी।

आठ दशकों से अधिक लंबे करियर में आशा ने अविश्वसनीय रूप से 12,000 गाने रिकॉर्ड किए। उनका पहला गाना 1943 में 10 वर्ष की आयु में मराठी फिल्म ‘‘माझा बल’’ के लिए था। उन्होंने 2010 के दशक के अंत तक और उसके बाद भी गायन जारी रखा, जिससे वह वैश्विक संगीत इतिहास में सबसे लंबे समय तक गायन करने वाली गायिका बन गईं।

अदम्य, चुलबुली, जीवंत- उस कलाकार के लिए विशेषणों की कमी नहीं है, जिन्होंने जीवन के अंतिम समय तक पूरे उत्साह के साथ गाया।

महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर चहेती आशा ताई का एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह कुछ ही दिन पहले एक भजन गाती नजर आ रही थीं।

दो साल पहले दुबई में एक कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने मशहूर गाने ‘‘तौबा तौबा’’ पर विक्की कौशल का ‘सिग्नेचर हुक स्टेप’ भी किया। ठीक वैसे ही जैसे वह अपने गीतों पर हमेशा झूम उठती थीं।

अपने खास अंदाज- क्रीम-सुनहरे रंग की साड़ी, हीरों का जड़ाऊं नेक्लेस और बालों में सफेद गुलाब में सजी-धजी आशा ताई हाल ही में अर्जुन तेंदुलकर की शादी में नजर आई थीं जो उनका आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम माना जा रहा है।

आशा का विवाह 16 वर्ष की आयु में 1949 में गणपतराव भोसले से हुआ था और बाद में उन्होंने अपने सहयोगी एवं संगीतकार आर डी बर्मन से विवाह किया जिनके साथ उनकी लंबी और बेहद सफल संगीत यात्रा रही। ‘‘मेरा कुछ सामान’’ और ‘‘दम मारो दम’’ से लेकर ‘‘चुरा लिया है तुमने’’ और ‘‘नहीं, नहीं, अभी नहीं’’ तक उनके गीतों की यह श्रृंखला कैबरे, रोमांस, विरह और हर तरह के भावों से सजी रही।

लता मंगेशकर ने लेखिका नसरीन मुन्नी कबीर द्वारा लिखी पुस्तक ‘लता मंगेशकर इन हर ऑन वॉयस’ में कहा था, ‘‘वह हर तरह के गीत बहुत अच्छी तरह गा सकती हैं- दुख भरे गीत, झूमने वाले और कैबरे तक। मैं यह इसलिए नहीं कह रही क्योंकि वह मेरी बहन हैं, बल्कि उनकी खूबियों के बारे में बताना मेरा कर्तव्य है। जिस विविधता के गीत वह गा सकती हैं, उसकी बराबरी कोई गायक नहीं कर सकता।’’

बड़ी बहन लता मंगेशकर का निधन फरवरी 2022 में 92 वर्ष की उम्र में हुआ था।

दोनों बहनों आशा भोसले और लता मंगेशकर के बीच प्रतिद्वंद्विता को लेकर काफी अटकलें लगाई जाती रहीं, लेकिन इसे साबित करने के लिए बहुत कम आधार थे।

लता ने कबीर से कहा था, ‘‘यह कहना गलत है कि प्रतिस्पर्धा ने हमारे रिश्ते को खराब किया। हम बहनें हैं और पड़ोसी भी। हम एक-दूसरे से बात करते हैं और साथ खाना खाते हैं। अगर हममें से किसी को कोई परेशानी होती है, तो हम एक-दूसरे को बताते हैं।’’

लता मंगेशकर गीतों को आवाज देने के लिए संगीतकार मदन मोहन की पहली पसंद थीं, जिन्हें मधुर संगीत और ग़ज़लों का उस्ताद माना जाता है, वहीं आशा भोसले भी इस शैली में उतनी ही निपुण थीं। फिल्म ‘उमराव जान’ की उनकी ग़ज़लें आज भी याद की जाती हैं, जिसके लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला था।

भोसले के लोकप्रिय गीतों में ‘अभी न जाओ छोड़ कर’, ‘इन आंखों की मस्ती’, ‘दिल चीज क्या है’, ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दुनिया में लोगों को’ और ‘जरा सा झूम लूं मैं’ जैसे गाने शामिल हैं।

उन्होंने पद्मिनी एवं वैजयंतीमाला जैसी दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों से लेकर मीना कुमारी, मधुबाला, जीनत अमान, काजोल और उर्मिला मातोंडकर सहित कई प्रमुख अभिनेत्रियों को अपनी आवाज दी।

आशा ने 2023 में अपने जन्मदिन के उपलक्ष्य में दुबई में आयोजित एक विशेष संगीत कार्यक्रम ‘आशा90: लाइव इन कॉन्सर्ट’ में प्रस्तुति दी थी।

उनकी आवाज अंत तक गहन ठहराव, लचीलापन और ताजगी लिए रही।

उन्होंने आखिरी बार गोरिलाज के एल्बम ‘द माउनटेन’ के लिए अपनी आवाज दी, जिसमें उन्होंने ‘द शेडो लाइट’ गीत गाया। यह गीत 27 फरवरी 2026 को रिलीज हुआ था।

आठ सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में जन्मीं आशा भोसले को अपनी बहन की तरह ही उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर ने संगीत की शिक्षा दी थी। संगीत मानो उनकी नियति में ही था। चार बहनों में लता, ऊषा और आशा पार्श्व गायिका बनीं जबकि मीना संगीतकार हैं। उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर भी संगीतकार हैं।

कई पुरस्कारों से सम्मानित आशा भोसले एक सफल उद्यमी भी थीं। उन्होंने दुबई और ब्रिटेन में ‘आशा’ नाम से लोकप्रिय रेस्तरां संचालित किया। उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, राष्ट्रीय पुरस्कार सहित कई अन्य संगीत सम्मानों से नवाजा गया।

फिल्म और संगीत जगत से उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है।

गायिका ऊषा उत्थुप अपने आंसू नहीं रोक पाईं।

उन्होंने कहा, ‘‘वह बेहद बहुमुखी प्रतिभा की धनी गायिका थीं। आशा जी के बारे में भूतकाल में बात करना अविश्वसनीय लगता है…… मेरा उनके साथ हमेशा प्रशंसा और आदर का रिश्ता रहा।’’

‘‘रंगीला’’ में संगीत देने वाले ए आर रहमान ने इंस्टाग्राम पर आशा भोसले के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ‘‘वह अपनी आवाज़ और आभा के साथ हमेशा जीवित रहेंगी… क्या कलाकार थीं आशा भोसले!’’

अभिनेत्री काजोल ने याद किया कि जब वह 19 साल की थीं, तब उन्होंने आशा भोसले को एक गीत रिकॉर्ड करते देखा था। काजोल के लिए इस दिग्गज गायिका ने कई गीत गाए।

उन्होंने लिखा, ‘‘आशा ताई एक महान शख्सियत थीं, हैं और हमेशा रहेंगी…एक गायिका, एक व्यक्तित्व और एक इंसान के रूप में। उनकी जिंदगी, खाने और हास्य के प्रति प्रेम और सबसे बढ़कर उनकी गायकी अद्भुत थी… उन्हें वर्णित करने के लिए एक ही शब्द है- शानदार!’’

भाषा गोला नरेश

नरेश


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