बरेली, 28 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की एक अदालत ने पंचायत चुनाव को लेकर रंजिश में वर्ष 2021 में ग्राम प्रधान की हत्या के मामले में मंगलवार को एक महिला सहित पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अपर जिला सरकारी अधिवक्ता (एडीजीसी) सुनील कुमार पांडे ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बृजेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन पर कुल 3.90 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मोहम्मद इशाक अली बरेली के छावनी क्षेत्र के परगवां गांव के ग्राम प्रधान चुने गए थे और पंचायत चुनाव में हार के बाद आरोपी उन्हें लगातार गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि 20 जून, 2021 को इशाक अली अपनी पत्नी सकीना और बहन शीबा रानी के साथ बरेली से दवा लेकर गांव लौट रहे थे कि तभी रास्ते में आरोपियों ने उनपर गोली बरसा दीं।
पांडे ने बताया कि घटना में इशाक अली की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
उन्होंने बताया कि मामले में छावनी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाहों के बयान दर्ज कराए।
अदालत ने मोहर सिंह, भगवत पटेल, राहुल उर्फ धीरू और लोकेश पटेल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
अदालत ने इसके अलावा उन्हें धारा 307/34 के तहत 10 वर्ष के कारावास तथा धारा 506 के तहत सात वर्ष के कारावास की सजा भी सुनाई गई।
अदालत ने मामले में दोषी पाई गयीं आसिया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
पांडे ने बताया कि अदालत ने जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतने का भी आदेश दिया।
भाषा सं जफर जितेंद्र
जितेंद्र