महाराष्ट्र: मंत्रालय के अंदर 35,000 रुपये की रिश्वत लेते लिपिक गिरफ्तार

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महाराष्ट्र: मंत्रालय के अंदर 35,000 रुपये की रिश्वत लेते लिपिक गिरफ्तार

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  • Publish Date - February 13, 2026 / 09:48 AM IST,
    Updated On - February 13, 2026 / 09:48 AM IST

मुंबई, 13 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के एक लिपिक को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राज्य सचिवालय, मंत्रालय में कथित तौर पर 35,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आरोपी राजेंद्र ढेरांगे को एक कैबिनेट मंत्री के कार्यालय में गिरफ्तार किया गया था और इस घटना ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार के अंदर ‘‘व्यापक भ्रष्टाचार’’ को उजागर किया।

हालांकि, एसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि उसे मंत्रालय की दूसरी मंजिल पर स्थित एफडीए कार्यालय में रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था।

अधिकारी ने बताया कि लिपिक ने शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 50,000 रुपये की मांग की थी जो अपना मेडिकल लाइसेंस बहाल करवाना चाहता था।

उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा एसीबी से संपर्क करने के बाद बृहस्पतिवार शाम को ढेरांगे को उसके कार्यालय में आंशिक भुगतान के रूप में 35,000 रुपये स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया गया।

अधिकारी ने बताया कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने इस घटना को ‘‘चौंकाने वाला’’ बताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एसीबी ने मंत्रालय में एक कैबिनेट मंत्री के कार्यालय में रिश्वत के आरोप में एक अधिकारी को हिरासत में लिया। इससे एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि महायुति सरकार के अधीन मंत्रालय में खुलेआम रिश्वतखोरी और कमीशन लिया जाता है।’’

सपकाल ने कहा कि रिश्वत के बिना कोई काम नहीं होता। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले का विवरण सार्वजनिक करने और संबंधित मंत्री को हटाने की मांग की।

भाषा सुरभि अमित

अमित