मुंबई, 11 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने पिछले तीन माह में राज्य भर में 1,800 से अधिक होटलों, क्लबों और ढाबों का निरीक्षण करने के बाद तिलचट्टों से भरी रसोई, बिना ढके कच्चे मांस और गंदे बर्तनों को देखते हुए 199 भोजनालयों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पुणे संभाग सबसे ज़्यादा लाइसेंस निलंबन के साथ सर्वाधिक उल्लंघन करने वाला संभाग बन गया है तथा निरीक्षकों ने प्रशीतन शृंखला और साफ़-सफ़ाई से जुड़ी गंभीर कमियों के लिए 948 सुधार नोटिस जारी किए।
एफडीए के अनुसार, इन उल्लंघनों के सिलसिले में पुणे 4,261 निरीक्षण और 168 लाइसेंस निलंबन के साथ सबसे ऊपर रहा। कोंकण 3,142 निरीक्षण और 108 निलंबन के साथ दूसरे तथा ग्रेटर मुंबई 1,451 निरीक्षण एवं 121 निलंबन के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
अन्य संभागों में, नासिक में 1,356 निरीक्षण और 56 निलंबन दर्ज किए गए। छत्रपति संभाजीनगर में 1,173 निरीक्षण और 61 निलंबन, अमरावती में 989 निरीक्षण और 45 निलंबन तथा नागपुर में 711 निरीक्षण और 44 निलंबन किये गये।
क्षेत्रवार हिसाब से ये आंकड़े 25 मई से 31 अगस्त तक की अवधि के हैं। इस साल के आरंभ में आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढ़े के एफडीए का कामकाज संभालने के बाद प्राधिकरण ने रेस्तरां, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के ख़िलाफ कार्रवाई तेज़ कर दी थी।
एफडीए ने बताया कि होटलों और रेस्तरां की जांच में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की अनुसूची चार के गंभीर उल्लंघन पाये गये। इनमें साफ पानी और जल निकास की सुविधाओं की कमी, प्रशीतन शृंखला के नियमों का पालन न करना, रेफ्रिजरेटर का तापमान सही न होना, कॉकरोच का होना और खाना बनाने एवं परोसने में साफ़-सफ़ाई का ध्यान न रखना जैसी बातें शामिल थीं।
अन्य उल्लंघनों में इमारत की खराब हालत, खुले कंटेनर में कच्चा चिकन रखना, कटी हुई सब्ज़ियों को बिना ढके छोड़ देना, पानी की जांच का रिकॉर्ड न होना और फ़र्श, बर्तन एवं खाने के संपर्क में आने वाली सतहों का साफ़ न होना शामिल था।
भाषा राजकुमार सुरेश
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