विजय माल्या लगातार कानून से बच रहे, कर्ज की वसूली से वह आरोपमुक्त नहीं हो जाते: ईडी ने अदालत से कहा

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विजय माल्या लगातार कानून से बच रहे, कर्ज की वसूली से वह आरोपमुक्त नहीं हो जाते: ईडी ने अदालत से कहा

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  • Publish Date - September 11, 2026 / 07:53 PM IST,
    Updated On - September 11, 2026 / 07:53 PM IST

मुंबई, 11 सितंबर (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बंबई उच्च न्यायालय से कहा है कि पूर्व में दिग्गज शराब कारोबारी रहे विजय माल्या अब भी भारत में कानूनी प्रक्रिया से बच रहे हैं और बैंकों की ओर से कर्ज की वसूली किए जाने से वह धन शोधन के आरोपों से मुक्त नहीं हो जाते।

केंद्रीय एजेंसी ने माल्या की ओर से 2020 में दायर याचिका के जवाब में आठ सितंबर को अपना हलफनामा दाखिल किया।

इस याचिका में माल्या ने उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को बंद करने का अनुरोध किया था। माल्या ने दलील दी थी कि बैंकों के साथ उनका विवाद कर्ज की वसूली के बाद सुलझ गया है।

ईडी ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह को 14,131.6 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां सौंप दी गई हैं, लेकिन इससे माल्या के खिलाफ धन शोधन के आरोप खत्म नहीं होते और न ही उन्हें वापस लिया जा सकता है।

एजेंसी ने अपने हलफनामे में कहा कि माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर चले गए थे और बार-बार समन जारी किए जाने के बावजूद वह जांच एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुए।

ईडी ने बताया कि माल्या के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। अदालत ने नवंबर 2016 में माल्या को भगोड़ा घोषित कर दिया था।

माल्या पर आरोप है कि उन्होंने अपनी अब बंद हो चुकी विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइन को प्राप्त 9,000 करोड़ रुपये के बैंक ऋण में से कम से कम 3,500 करोड़ रुपये का धन शोधन और गबन किया। ईडी ने वर्ष 2016 में उनकी संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था।

भाषा संतोष पारुल

पारुल

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