लातूर, चार फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के लातूर में एक व्यक्ति ने अपनी 60 वर्षीय मां और बहन को उनके घर के एक कमरे में कथित तौर पर बंद कर दिया। पुलिस तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से दोनों को मुक्त करवाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही मां बेटी को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि उन्हें पिछले दो वर्षों से वहां कैद किया गया था।
रिश्तेदारों ने बताया कि मंगलवार को मुक्त करवाईं गईं दोनों मां बेटी को एक कमरे में बंद रखा गया था, क्योंकि वे अपने पड़ोसियों पर पथराव करके उन्हें परेशान करतीं थीं।
यह चौंकाने वाली घटना लातूर शहर से लगभग पांच किलोमीटर दूर पखारसांगवी गांव के पास रत्नापुर नगर में सामने आई।
सामाजिक कार्यकर्ता वेंकट पन्हाले को आठ दिन पहले इसकी सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि करने के बाद उन्होंने वंचित बच्चों के लिए आश्रय गृह ‘मझा घर’ के संस्थापक शरद ज़ारे से संपर्क किया। इसके बाद दोनों ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमोल तांबे से मुलाकात की और उन्हें स्थिति से अवगत कराया।
एसपी ने मानव तस्करी विरोधी प्रकोष्ठ (एएचटीसी) को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस की एक टीम सोमवार को घटनास्थल पर पहुंची तथा अगले दिन पूर्वाह्न करीब 11 बजे महिला तथा उसकी 30 वर्षीय बेटी को मुक्त करवाया गया।
भाषा यासिर पवनेश
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