महाराष्ट्र: एनटीसीए ने अभयारण्यों के बाहर रहने वाले बाघों के प्रबंधन के लिए धनराशि को मंजूरी दी

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महाराष्ट्र: एनटीसीए ने अभयारण्यों के बाहर रहने वाले बाघों के प्रबंधन के लिए धनराशि को मंजूरी दी

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  • Publish Date - February 12, 2026 / 07:05 PM IST,
    Updated On - February 12, 2026 / 07:05 PM IST

मुंबई, 12 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने महाराष्ट्र में नामित बाघ अभ्यारण्यों के बाहर बाघों के प्रबंधन के लिए पहली बार विशेष रूप से धनराशि स्वीकृत की। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि प्राधिकरण ने 10 फरवरी को ‘बाघ अभ्यारण्यों के बाहर बाघों का प्रबंधन: मानव-बाघ संघर्ष से निपटने की रणनीतियां’ परियोजना के तहत राज्य के छह वन प्रभागों की खातिर वर्ष 2025-26 के लिए 5.40 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी दी है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय क्षतिपूर्ति वनीकरण कोष प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (सीएएमपीए) के ढांचे के तहत स्वीकृत यह धनराशि चंद्रपुर, ब्रह्मपुरी, सेंट्रल चंदा, नागपुर, पंढरकौड़ा और वड़सा प्रभागों को लाभ पहुंचाएगी।

परियोजना में प्रत्येक प्रभाग के लिए 90 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।

भारतीय वन सेवा के एक अधिकारी ने बताया, “लगभग 180 बाघ ऐसे हैं, जो बाघ अभयारण्यों के बाहर के जंगलों में रह रहे हैं।”

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश