महाराष्ट्रः 2009 में पूछे गए प्रश्न का 2021 में मिला जवाब, विधायकों ने इस प्रवृत्ति की निंदा की

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महाराष्ट्रः 2009 में पूछे गए प्रश्न का 2021 में मिला जवाब, विधायकों ने इस प्रवृत्ति की निंदा की

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  • Publish Date - February 24, 2026 / 08:48 PM IST,
    Updated On - February 24, 2026 / 08:48 PM IST

मुंबई, 24 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र विधानसभा में मंगलवार को विधायकों के पत्रों का जवाब देने में अधिकारियों द्वारा की गई देरी के मुद्दे पर चर्चा हुई, जिसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि 2009 में पूछे गए एक प्रश्न का उन्हें 2021 में जवाब मिला।

सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि मुख्य सचिव भी विधायकों द्वारा लिखे गए पत्रों का समय पर जवाब नहीं देते हैं।

पूर्व मंत्री मुनगंटीवार ने बताया कि उन्हें ऐसे ही एक पत्र का जवाब चार साल बाद मिला। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करने के लिए कानून बनाने की मांग की।

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इस मांग का समर्थन किया और भाजपा नेता द्वारा अपनी ही सरकार पर उठाए गए सवाल को उचित ठहराया।

चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जहां मुनगंटीवार को चार साल में जवाब मिला, वहीं उन्हें खुद 2021 में उस सवाल का जवाब मिला जो उन्होंने 2009 में विधायक के रूप में उठाया था।

फडणवीस ने कहा कि जब तक जवाब आया, तब तक वह मुख्यमंत्री और फिर विपक्ष के नेता बन चुके थे। उन्होंने विधानसभाध्यक्ष से उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।

विधानसभाध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि विधायकों के पत्रों और अधिकारियों के प्रश्नों का समय पर जवाब सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा एक डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की देरी को रोकने के लिए नई प्रणाली के तहत जिम्मेदारी तय की जाएगी।

भाषा

राजकुमार पवनेश

पवनेश