महाराष्ट्र में लगातार छठे साल सड़क हादसों में वृद्धि, पिछले साल मौतों की संख्या में मामूली कमी

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महाराष्ट्र में लगातार छठे साल सड़क हादसों में वृद्धि, पिछले साल मौतों की संख्या में मामूली कमी

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  • Publish Date - February 5, 2026 / 07:32 PM IST,
    Updated On - February 5, 2026 / 07:32 PM IST

मुंबई, पांच फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र में लगातार छठे वर्ष सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली गंभीर चोटों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले साल सड़क हादसों में मौतों के मामले में मामूली गिरावट आई है।

अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को परिवहन विभाग के 2025 के अनंतिम दुर्घटना आंकड़ों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी।

रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में 2025 में 36,450 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की संख्या में आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो लगातार छठी वार्षिक वृद्धि को दर्शाती है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 2020 में 24,971 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जो 2021 में बढ़कर 29,477, वर्ष 2022 में 33,383, वर्ष 2023 में 35,243 और 2024 में 36,110 हो गईं।

रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में कुल वाहनों की संख्या 4.5 करोड़ से अधिक है।

हालांकि, महाराष्ट्र 2021 के बाद पहली बार सड़क हादसों में मौतों की संख्या में थोड़ी कमी लाने में कामयाब रहा। राज्य में पिछले साल (2025 में) 14,440 घातक दुर्घटनाओं में 15,549 लोगों की जान गईं, जबकि 2024 में 14,565 घातक दुर्घटनाओं में 15,715 मौतें हुई थीं।

आंकड़ों के मुताबिक, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 2020 के बाद से वृद्धि का रुझान देखा गया है। वर्ष 2020 में कुल 11,569 लोगों की जान गई थी।

अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, 2021 में 13,528, वर्ष 2022 में 15,224, वर्ष 2023 में 15,366 और 2024 में 15,715 लोगों की सड़क हादसों में जान गई थी।

अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वालों की संख्या को कम करने में विफल रहा।

राज्य में 2025 में 23,756 लोग सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल हुए, जो 2024 में दर्ज 22,051 ऐसे मामलों से अधिक है।

आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में 2020 में सड़क हादसों में 13,971 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। वर्ष 2021 में यह संख्या बढ़कर 16,073 हो गई, जबकि 2022 में 19,540, वर्ष 2023 में 21,446 और 2024 में 22,051 ऐसे मामले दर्ज किये गए।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश