Maharashtra Snakebite Notifiable Disease: महाराष्ट्र में सर्पदंश 'अधिसूचित बीमारी' घोषित, हर मामले की जानकारी देना होगा अनिवार्य /image: Social Media
मुंबई। Maharashtra Snakebite Notifiable Disease: महाराष्ट्र सरकार ने सर्पदंश को अधिसूचित बीमारी घोषित किया है, जिसके तहत सभी अस्पतालों, चिकित्सा महाविद्यालयों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सर्पदंश के प्रत्येक संदिग्ध या पुष्ट मामले तथा इससे होने वाली हर मौत की सूचना देना अनिवार्य होगा।
यह कदम गढ़चिरौली जिले के जपतालई गांव स्थित राज्य सरकार से सहायता प्राप्त आवासीय विद्यालय में नौ अगस्त को जहरीले सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत और तीन अन्य के अस्पताल में भर्ती होने के बाद उठाया गया है। इसके बाद सरकार ने विद्यालय का लाइसेंस रद्द कर दिया था।
Maharashtra Snakebite Notifiable Disease स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर ने मंगलवार को सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इससे सर्पदंश के मामलों की निगरानी मजबूत करने, समय पर उपचार सुनिश्चित करने और विषरोधी दवा की उपलब्धता की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी। अधिसूचना के तहत सभी स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सकों को सर्पदंश के मामलों की सूचना संबंधित जिला स्वास्थ्य अधिकारी या जिला शल्य चिकित्सक को देनी होगी। गंभीर या घातक मामलों की सूचना तत्काल देनी होगी।
सरकार ने कहा कि (Snakebite Maharashtra) मामलों का ब्योरा स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के माध्यम से दर्ज किया जाएगा, जिससे राज्य में सर्पदंश के मामलों का विश्वसनीय आंकड़ा तैयार हो सकेगा। सर्पदंश के मरीजों का उपचार करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों को विषरोधी दवा की प्राप्ति, इस्तेमाल और उपलब्ध भंडार का अद्यतन रिकॉर्ड भी रखना होगा। इसका उद्देश्य अधिक सर्पदंश वाले क्षेत्रों में विषरोधी दवा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
Maharashtra Snakebite Notifiable Disease अबितकर ने कहा कि सरकार सर्पदंश की घटनाओं और मौतों के स्थान, परिस्थितियों तथा मौसम जैसे कारकों का अध्ययन कर स्थानीय स्तर पर रोकथाम के उपाय तैयार करेगी। जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार और समय पर अस्पताल पहुंचने के बारे में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी दी गई है। मंत्री ने कहा कि सर्पदंश से होने वाली मौतों को कम करने में जागरूकता और समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सर्पदंश के बाद पहले 60 मिनट को महत्वपूर्ण बताते हुए पीड़ित को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
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