मुंबई, 18 सितंबर (भाषा) मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के तौर पर चुना गया है। ‘फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एफएफआई) ने शुक्रवार को यह घोषणा की।
संतोष डावखर द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म ग्रामीण महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि पर आधारित है और इसकी कहानी एक नवविवाहित जोड़े से जुड़ी पारंपरिक रस्म वाली एक रात के इर्द-गिर्द घूमती है।
चयन समिति के अध्यक्ष पी. शेषाद्रि ने कहा कि 33 फिल्मों की सूची में से इस फिल्म को 99वें एकेडमी पुरस्कारों की सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना गया है।
शेषाद्रि ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘इस साल हमारे पास चार मराठी फिल्में, 14 हिंदी और अन्य फिल्में थीं। सभी फिल्में अच्छी थीं। यह भारतीय सिनेमा और मराठी सिनेमा के लिए खुशी का पल है। इस बार आधिकारिक प्रविष्टि ‘गोंधल’ है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमने पिछले दस दिनों में अलग-अलग भाषाओं की 33 फिल्में देखीं। कई अन्य अच्छी फिल्मों को लेकर भी हम चर्चा कर रहे थे। ‘गोंधल’ के अलावा ‘अंग’ और ‘इक्कीस’ शीर्ष तीन फिल्मों की सूची में थीं।
‘गोंधल’ का वर्ल्ड प्रीमियर 2025 में गोवा में आयोजित 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) में हुआ था। डावखर ने इस महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का ‘सिल्वर पीकॉक’ पुरस्कार प्राप्त किया था।
ग्रामीण महाराष्ट्र में होने वाले पारंपरिक गोंधल नृत्य के मध्यरात्रि के उत्सव की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म सुमन नामक महिला की कहानी है, जो अपनी मर्जी के खिलाफ हुई शादी से बेहद घुटन महसूस करती है। वह अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या और भागने की साजिश रचती है।
फिल्म में अभिनेत्री इशिता देशमुख ने मुख्य भूमिका निभाई है। इसमें किशोर कदम, योगेश सोहानी, निशाद भोईर और अनुज प्रभु ने भी भूमिकाएं निभाई हैं। दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा ने फिल्म का संगीत तैयार किया है।
एफएफआई को भेजी गई 33 फिल्मों की सूची में यामी गौतम की ‘‘हक’’, आदित्य धर निर्देशित “धुरंधर” और “धुरंधर: द रिवेंज”, “हनुमान अंश”, सनी देओल अभिनीत “बॉर्डर 2”, इम्तियाज अली की “मैं वापस आऊंगा”, राम चरण की “पेड्डी” और फरहान अख्तर की “120 बहादुर” भी शामिल थीं।
शेषाद्रि ने कहा कि चयन प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि सूची में कई मजबूत फिल्में शामिल थीं, जिनमें आदित्य धर की ब्लॉकबस्टर फिल्म “धुरंधर” भी शामिल थी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास भारत के अन्य हिस्सों से भी कई फिल्में थीं, लेकिन ऑस्कर के लिए फिल्म भेजने के कुछ नियम और मानदंड हैं… दरअसल, फिल्म को भारतीय संस्कृति और भारतीय मूल्यों का प्रतिनिधित्व करना चाहिए।’’
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इन पहलुओं में ‘गोंधल’ अन्य फिल्मों से आगे रही। साथ ही फिल्म निर्माण, संगीत और गीतों का इस्तेमाल, कलाकारों का अभिनय तथा पर्दे पर पेश की गई मानवीय संवेदनाएं भी इसके चयन के कारणों में शामिल हैं।’’
पिछले साल भारत ने ऑस्कर के लिए अपनी आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में नीरज घेवाण की महामारी पर आधारित फिल्म “होमबाउंड” को चुना था। हालांकि, यह अंतिम नामांकन में जगह नहीं बना सकी थी।
‘गोंधल’ ऑस्कर के लिए चुनी जाने वाली चौथी मराठी फिल्म है। इससे पहले ‘कोर्ट’ (2015), ‘हरिश्चंद्राची फैक्टरी’ (2009) और “श्वास” (2005) को चुना गया था।
ठाणे के आईआईएम स्नातक और फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) में पटकथा लेखन का प्रशिक्षण लेने वाले डावखर ने कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि उनकी फिल्म को देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है।
डावखर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘जब हमने यह फिल्म बनाई और इसे भेजा, तो हमें विश्वास था कि यह भारत की आधिकारिक ऑस्कर प्रविष्टि बनेगी। मुझे गर्व है कि मेरी फिल्म भारत का प्रतिनिधित्व करेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस काम को आगे कैसे बढ़ाना है, इसे लेकर अगले छह महीनों के लिए हमारी योजना है। मैं समझता हूं कि भारत ने हमें जो जिम्मेदारी दी है और हम अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे।’’
किसी भी भारतीय फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में ऑस्कर हासिल नहीं किया है, जिसे पहले सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म श्रेणी के नाम से जाना जाता था।
इस श्रेणी में अब तक केवल तीन भारतीय फिल्मों को नामांकन मिला है, जिनमें “मदर इंडिया”, मीरा नायर की “सलाम बॉम्बे” और आशुतोष गोवारिकर की “लगान” शामिल हैं।
जॉन अब्राहम और लीजा रे अभिनीत दीपा मेहता की “वॉटर” को भी नामांकन मिला था, लेकिन इसे कनाडा की ओर से भेजा गया था।
अगले साल 14 मार्च को 99वें ऑस्कर पुरस्कार समारोह का आयोजन किया जायेगा।
भाषा
देवेंद्र माधव
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