मिलिंद देवरा की आशा भोसले के अंतिम संस्कार पर टिप्पणी ‘ निर्लज्जता’ और ‘कृतघ्नता’ : कांग्रेस

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मिलिंद देवरा की आशा भोसले के अंतिम संस्कार पर टिप्पणी ‘ निर्लज्जता’ और ‘कृतघ्नता’ : कांग्रेस

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  • Publish Date - April 14, 2026 / 05:44 PM IST,
    Updated On - April 14, 2026 / 05:44 PM IST

मुंबई, 14 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने शिवसेना सांसद मिलिंद देवरा द्वारा प्रख्यात गायिका आशा भोसले के अंतिम संस्कार पर की गई टिप्पणी को लेकर मंगलवार को निशाना साधते हुए उन पर ‘ निर्लज्जता’ और ‘कृतघ्नता’ का आरोप लगाया।

देवरा ने भोसले के अंतिम संस्कार में कथित तौर पर कांग्रेस द्वारा अपना कोई प्रतिनिधि नहीं भेजे जाने की आलोचना की थी।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक तीखे पोस्ट में कहा कि ‘‘मूर्खता और अज्ञानता की भी सीमा होती है।’’

उसने आरोप लगाया कि कांग्रेस की मुंबई इकाई के पूर्व अध्यक्ष देवरा ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के प्रति ‘‘हताश वफादारी’’ दिखाने के लिए अपनी राजनीतिक जड़ों पर हमला किया।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग)सरकार में पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे देवरा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज मुंबई में आशा भोसले के अंतिम संस्कार में शामिल हुआ। प्रेम, गीत और कृतज्ञता का भाव उमड़ पड़ा, हर वर्ग के लोग अंतिम विदाई देने के लिए एकजुट हुए। हर राजनीतिक दल ने वरिष्ठ प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की। एक अपवाद स्पष्ट रूप से सामने आया, जो राष्ट्र की सांस्कृतिक नब्ज से उसके अलगाव को दर्शाता है।’’

कांग्रेस ने देवरा पर पलटवार करते हुए कहा, ‘‘कहा जाता है कि मूर्खता और अज्ञानता की भी सीमा होती है, लेकिन मिलिंद देवरा उल्लेखनीय निरंतरता के साथ ऐसी हर सीमा को तोड़ने के लिए दृढ़ संकल्पित प्रतीत होते हैं।’’

विपक्षी दल ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं देवरा के पिता के सहयोगी रहे सुशील कुमार शिंदे, नसीम खान, लोकसभा सांसद प्रणिति शिंदे और पार्टी के कई अन्य सदस्यों ने व्यक्तिगत रूप से भोसले को श्रद्धांजलि अर्पित की।

कांग्रेस ने कहा, ‘‘यह संस्कृति है। यह विरासत है। यह बुनियादी मानवीय शिष्टाचार है। और फिर मिलिंद देवरा हैं, जो शिंदे गुट के दरवाजे पर मंडरा रहे हैं, मानो राजनीतिक पुनर्वास की भीख मांग रहे हों और एक बार जगह मिल जाने पर, उस एहसान का बदला बेताब वफादारी से चुकाने के लिए दौड़ पड़े हैं। झूठ फैलाकर और उसी पार्टी पर कीचड़ उछालकर जिसने कभी उनके अस्तित्व को परिभाषित किया था। अगर राजनीतिक अवसरवाद का कोई चेहरा होता, तो यही होता।’’

कांग्रेस ने दावा किया कि पार्टी ने देवरा परिवार की राजनीतिक पहचान का निर्माण किया, उसे रुतबा, विश्वसनीयता और सत्ता की मेज पर जगह दिलाई।

उसने कहा, ‘‘ फिर भी अब आपका उसी बुनियाद पर बोलना न केवल विडंबना है, बल्कि कृतघ्नता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।’’

भाषा धीरज नरेश

नरेश