मनसे और शिवसेना (उबाठा) निर्वाचन आयोग के खिलाफ मुंबई में मार्च निकालेंगे

मनसे और शिवसेना (उबाठा) निर्वाचन आयोग के खिलाफ मुंबई में मार्च निकालेंगे

मनसे और शिवसेना (उबाठा) निर्वाचन आयोग के खिलाफ मुंबई में मार्च निकालेंगे
Modified Date: September 26, 2026 / 10:22 pm IST
Published Date: September 26, 2026 10:22 pm IST

मुंबई, 26 सितंबर (भाषा) शिवसेना (उबाठा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) चार अक्टूबर को मुंबई में निर्वाचन आयोग के खिलाफ मार्च निकालेंगे।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना (उबाठा) और राज ठाकरे की पार्टी मनसे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाले निर्वाचन आयोग को ‘‘सत्तारूढ़ दल की एक शाखा’’ करार दिया।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर मतदाताओं के साथ ‘‘बड़े पैमाने पर धोखा’’ किए जाने का आरोप लगाते हुए, मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि यह विरोध मार्च पूरे राजनीतिक तंत्र और जनता की सामूहिक आवाज बने।

उन्होंने एक पोस्ट में कहा, ‘‘मनसे और शिवसेना (उबाठा) ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ चार अक्टूबर को मुंबई में व्यापक विरोध मार्च आयोजित किया है, और ऐसा प्रतीत होता है कि निर्वाचन आयोग केवल सत्तारूढ़ दल की एक शाखा के रूप में काम कर रहा है।’’

उन्होंने कहा कि हालांकि मनसे और शिवसेना (उबाठा) इस कार्यक्रम के आयोजन की अगुवाई करेंगे, लेकिन यह जनता का मार्च है।

मनसे प्रमुख ने कहा, ‘‘हम सभी राजनीतिक दलों से संपर्क करने का इरादा रखते हैं, ताकि यह केवल एक या दो दलों तक सीमित रहने के बजाय पूरे राजनीतिक तंत्र और जनता की सामूहिक आवाज बने। हम महाराष्ट्र के लोगों से ईमानदारी से अपील करते हैं कि वे बड़ी संख्या में इस मार्च में शामिल हों।’’

इससे पहले शनिवार को शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के इस्तीफा नहीं देने की स्थिति में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन करने के आह्वान का उन्होंने समर्थन किया है।

आदित्य ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अगर ज्ञानेश नहीं जाते हैं, तो मुंबई दो अक्टूबर से वोट चोरी के खिलाफ बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरेगी।’’

कॉजपा के सह-संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि अगर कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो युवा नेतृत्व वाला यह संगठन दो अक्टूबर को मुंबई से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा और इसे भारत के विभिन्न शहरों तक ले जायेगा।

भाषा

देवेंद्र सुरेश

सुरेश


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