ठाणे, 10 जुलाई (भाषा) ठाणे जिले में महानगरपालिका द्वारा संचालित एक अस्पताल में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे ने जिन दो चिकित्सकों के साथ कथित रूप से मारपीट की थी, उनमें शामिल डॉ. सृष्टि बाविस्कर की मां ने चिकित्सा पेशेवरों को सरकार की ओर से सुरक्षा की गारंटी दिए जाने की मांग की है।
डॉ. सृष्टि बाविस्कर की मां संगीता बाविस्कर ने कल्याण में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) के शास्त्री नगर अस्पताल में सोमवार को हुई इस घटना की निंदा की।
सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में म्हात्रे, शास्त्री नगर अस्पताल में डॉ. वैभव सालुंखे को थप्पड़ और घूंसे मारते तथा रेजिडेंट चिकित्सा अधिकारी डॉ. सृष्टि बाविस्कर के हाथ पर वार करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद इस घटना को लेकर व्यापक आक्रोश पैदा हो गया।
संगीता ने कहा, ‘‘यह इस अस्पताल या समाज में पहली ऐसी घटना नहीं है, जब चिकित्सकों के साथ मारपीट और अन्याय हुआ हो। हम ऐसी घटनाओं के बारे में लगातार सुनते रहते हैं जिनमें चिकित्सकों और गैर-चिकित्सा कर्मचारियों पर हमले किए जाते हैं तथा अस्पतालों में तोड़फोड़ की जाती है।’’
उन्होंने जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि इस मामले में अपनाई जा रही कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। संगीता ने लंबी और कठिन पालियों में काम करने वाले चिकित्सा पेशेवरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, ‘‘सच्चाई लोगों के सामने लाई जानी चाहिए तभी समाज में एक मजबूत संदेश जाएगा और ऐसी हिंसक प्रवृत्ति रखने वाले लोगों पर रोक लगेगी।’’
केडीएमसी की चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दीपा शुक्ला के अनुसार, दोनों चिकित्सकों ने उस निजी एजेंसी को अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं, जिसके माध्यम से उनकी नियुक्ति हुई थी। हालांकि, दोनों चिकित्सकों से संपर्क नहीं हो सका, लेकिन उनके एक सहकर्मी ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की।
संगीता ने कहा, ‘‘जब डॉ. वैभव को पीटा जा रहा था, तब सृष्टि ने बीच-बचाव किया और उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। इसके बावजूद उसका मोबाइल फोन जोर से फेंक दिया गया।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने उनसे मुलाकात नहीं की है और न ही उन्हें कोई आश्वासन दिया है।
संगीता ने न्याय की अपील करते हुए बताया कि डॉ. सृष्टि के पिता भी चिकित्सक हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपने बच्चों को लोगों की सेवा करने के उद्देश्य से इस पेशे में भेजा है। मेरी एकमात्र मांग है कि मेरी बेटी और हर प्रभावित चिकित्सा कर्मी को वह न्याय मिले, जिसके वे हकदार हैं।’’
अधिकारियों ने बताया कि म्हात्रे को बुधवार रात गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उन्हें ‘‘सीने में दर्द’’ की शिकायत के कारण ठाणे जिला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के कर्मचारियों ने उनके खिलाफ अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया और उन्हें पार्षद पद से तत्काल अयोग्य घोषित करने की मांग की।
इस मामले में म्हात्रे के अलावा उनके तीन सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
भाषा प्रचेता सिम्मी
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