मुंबई, 20 जनवरी (भाषा) मुंबई के महापौर पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच, शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने मंगलवार को दावा किया कि भाजपा और शिवसेना के नवनिर्वाचित पार्षदों के फोन सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा टैप किए जा रहे हैं।
राउत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षदों पर उसी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा नजर रखी जा रही है।
भाजपा ने राउत के आरोपों को खारिज करते हुए इस बात पर जोर दिया कि पार्टी इस तरह की गतिविधियों में शामिल नहीं होती क्योंकि उसे अपने पार्षदों पर भरोसा है।
राउत ने दावा किया कि मुंबई के महापौर का फैसला दिल्ली से किया जा रहा है, जो महाराष्ट्र का अपमान है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की कड़ी आलोचना की।
शिवसेना (उबाठा) सांसद ने पत्रकारों से कहा, “भाजपा कार्यकर्ता पार्टी के हर पार्षद की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। भाजपा अपने ही पार्षदों के फोन भी टैप कर रही है।’
उन्होंने कहा कि एक आलीशान होटल में ‘बंद’ शिवसेना पार्षदों के फोन भी टैप किए जा रहे हैं।
मुंबई के महापौर पद के लिए दौड़ तेज होने और सत्तारूढ़ शिवसेना के रुख को लेकर अनिश्चितता बढ़ने के बीच, राउत ने मंगलवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे से मुलाकात की।
हाल में हुए चुनावों में, भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने देश के सबसे धनी नगर निकाय पर ठाकरे परिवार के लगभग तीन दशक लंबे एकाधिकार को समाप्त कर दिया।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों में भाजपा-शिवसेना गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। भाजपा को 89 और शिवसेना को 29 सीटें मिलीं।
इसके बाद शिवसेना ने अपने सभी 29 नवनिर्वाचित सदस्यों को मुंबई के एक आलीशान होटल में ठहराया, जिसका बहाना नगर निकाय के कामकाज पर एक कार्यशाला आयोजित करना था।
शिंदे लगातार इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि मुंबई का अगला महापौर महायुति (भाजपा-शिवसेना गठबंधन) का सदस्य होगा। हालांकि, उन्होंने शिवसेना की ओर से भी इस पद पर दावे का संकेत दिया था और इसे बाल ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर उनके प्रति सम्मान का प्रतीक बताया था, साथ ही शिवसैनिकों की भावनाओं का हवाला भी दिया था।
महाराष्ट्र भाजपा के मीडिया प्रभारी नवनाथ बान ने राउत के आरोपों को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, “हमें फोन टैपिंग की जरूरत नहीं है, लेकिन राउत को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी के सत्ता में रहने के दौरान एकनाथ शिंदे और उदय सामंत के फोन कौन टैप कर रहा था। हमें पार्षदों का पूरा समर्थन प्राप्त है और हम ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं हैं।”
भाषा नोमान अविनाश
अविनाश