एमवीए के घटक दल महाराष्ट्र विधानसभा और लोकसभा चुनाव साथ लड़ें : पवार

Ads

एमवीए के घटक दल महाराष्ट्र विधानसभा और लोकसभा चुनाव साथ लड़ें : पवार

  •  
  • Publish Date - January 8, 2023 / 04:48 PM IST,
    Updated On - January 8, 2023 / 04:48 PM IST

कोल्हापुर, आठ जनवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने रविवार को वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना और कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने की वकालत की।

संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने दावा किया कि शिवसेना में विभाजन के बावजूद जमीन पर काम करने वाले ज्यादातर शिवसैनिक उद्धव ठाकरे के साथ है।

पवार ने कहा कि विभाजन के बाद भले ही विधायक और सांसद एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना के साथ चले गए हैं, लेकिन जब चुनाव होगा तो वे भी जनता का रुख जानेंगे

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में संपन्न महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर हुए विवाद की वजह से शिवसेना ने अपनी पुरानी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नाता तोड़ लिया था और राकांपा – कांग्रेस के साथ मिलकर महा विकास आघाड़ी (एमवीए) की राज्य में सरकार बनाई थी।

पिछले साल जून में शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के ज्यादातर विधायकों के बगावत करने के बाद महाराष्ट्र सरकार गिर गई थी।

गठबंधन के सवाल पर पवार ने कहा, ‘‘कांग्रेस, राकांपा और उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना की समझ है कि (लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए) उन्हें साथ मिलकर काम करना चाहिए। रिपब्लिकन पार्टी और कुछ अन्य समूहों को शामिल किया जाना चाहिए। लेकिन हम चर्चा कर रहे हैं। हमने कई मुद्दों पर मिलकर फैसला लिया है और इसलिए इसको लेकर कोई समस्या नहीं है।’’

राकांपा प्रमुख ने पिछले साल भी कहा था कि एमवीए गठबंधन को मिलकर आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव मई 2024 में होने हैं और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए अगले साल अक्टूबर में चुनाव होने की संभावना है।

ठाकरे ने पिछले साल नवंबर में अनुमान जताया था कि महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं और इसलिए अपने कार्यकर्ताओं को तैयार रहने को कहा था।

महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच चल रहे सीमा विवाद पर पवार ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विभिन्न दलों के साथ बैठक की थी। उन्होंने कहा कि इस देश के शीर्ष कानूनविदों की सेवा को लेकर इस मामले में राज्य के पक्ष को मजबूती से अदालत के समक्ष रखना चाहिए।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप