नासिक टीसीएस धर्मांतरण मामला : महाराष्ट्र सरकार ने पॉश अधिनियम को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया

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नासिक टीसीएस धर्मांतरण मामला : महाराष्ट्र सरकार ने पॉश अधिनियम को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया

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  • Publish Date - May 8, 2026 / 08:30 PM IST,
    Updated On - May 8, 2026 / 08:30 PM IST

मुंबई, आठ मई (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने नासिक के टीसीएस कार्यालय में कथित धर्मांतरण मामला आने की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए यौन उत्पीड़न निवारण (पॉश)अधिनियम को सख्ती से क्रियान्वित करने का आदेश जारी किया।

राज्य सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि 10 या उससे अधिक व्यक्तियों को रोजगार देने वाले सभी सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों को आंतरिक शिकायत समितियां (आईसीसी) गठित करनी होंगी और उन्हें केंद्र के ‘शी-बॉक्स’ पोर्टल पर पंजीकृत कराना होगा।

विज्ञप्ति में टीसीएस मामले का जिक्र करते हुए कहा गया है कि ये निर्देश नासिक स्थित एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी में हुई एक गंभीर घटना के बाद जारी किए गए हैं।

विज्ञप्ति में महिला एवं बाल विकास आयुक्त जगदीश मिनियार के हवाले से कहा गया, ‘‘नियमों का पालन न करने पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, जबकि बार-बार उल्लंघन करने पर दोगुना जुर्माना या लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’

विज्ञप्ति के मुताबिक राज्य में कई निजी प्रतिष्ठान अभी तक पॉश अधिनियम के तहत अनिवार्य रूप से आंतरिक शिकायत समितियों का गठन नहीं कर पाए हैं।

इसमें कहा गया है कि सभी प्रतिष्ठानों को तत्काल आंतरिक शिकायत समितियां गठित करनी चाहिए और ‘शी-बॉक्स’ पोर्टल पर पंजीकरण पूरा करना चाहिए, ऐसा न करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कानून के तहत, प्रत्येक समिति में एक वरिष्ठ महिला कर्मचारी अध्यक्ष होनी चाहिए, कम से कम दो कर्मचारी सदस्य और एक गैर-सरकारी संगठन का सदस्य होना चाहिए तथा समिति में कम से कम 50 प्रतिशत सदस्य महिलाएं हों।

विज्ञप्ति के मुताबिक जिला कलेक्टर, उप कलेक्टर, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारियों और विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि सभी पात्र प्रतिष्ठान कानून के अनुसार समितियां गठित करें और पोर्टल पर पंजीकरण पूरा करें।

सरकार ने चेतावनी दी कि यौन उत्पीड़न, पीछा करना, गुप्त रूप से फिल्मांकन करना और महिलाओं की गरिमा का अपमान जैसे अपराधों के लिए भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

टीसीएस इकाई में महिला कर्मचारियों के शोषण, जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के सामने आने के बाद नासिक पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने नौ प्राथमिकी दर्ज की हैं।

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश