मुंबई, आठ मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता किरीट सोमैया की पत्नी मेधा सोमैया की याचिका पर बंबई उच्च न्यायालय ने शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत को शुक्रवार को नोटिस जारी किया।
मेधा ने मानहानि के मामले में राउत को निचली अदालत द्वारा बरी किए जाने को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
मेधा सोमैया ने अधिवक्ता लक्ष्मण कनाल के जरिये मजिस्ट्रेट अदालत में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने दावा किया था कि राउत ने 2022 में मीडिया में उनके और उनके पति के खिलाफ निराधार एवं मानहानिकारक आरोप लगाए थे।
पिछले साल 26 सितंबर को एक न्यायिक मजिस्ट्रेट ने राउत को भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत मानहानि का दोषी ठहराया था। अदालत ने उन्हें 15 दिन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
राउत ने मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले के खिलाफ सांसदों और विधायकों के सुनवाई के लिए गठित विशेष सत्र न्यायालय में अपील दायर की।
इस साल फरवरी में, सत्र न्यायालय ने मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले को रद्द करते हुए राउत को बरी कर दिया। सत्र न्यायालय ने फैसले में कहा कि यह साबित नहीं किया जा सकता कि कथित मानहानिकारक समाचार लेख राउत के निर्देशों पर प्रकाशित किया गया था।
अदालत ने स्पष्ट किया कि सामना के ‘कार्यकारी संपादक’ के रूप में, राउत को प्रकाशित होने वाली प्रत्येक समाचार सामग्री के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता।
मेधा ने अप्रैल में सत्र न्यायालय के फैसले को कानून के अनुकूल नहीं होने और अवैध करार देते हुए उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
न्यायमूर्ति एस जी डिगे की एकल पीठ ने शुक्रवार को मामले में सुनवाई करते हुए राउत को नोटिस जारी किया। साथ ही अगली सुनवाई के लिए 18 जून की तारीख तय की।
मेधा सोमैया ने दावा किया है कि राउत ने मीडिया में उनके और उनके पति के खिलाफ निराधार एवं पूरी तरह से मानहानिकारक आरोप लगाए हैं, जिनमें उन पर मीरा-भयंदर महानगरपालिका में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण से संबंधित 100 करोड़ रुपये के घोटाले में संलिप्त होने का आरोप भी शामिल है।
भाषा धीरज नेत्रपाल
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