Nashik TCS Case: धार्मिक प्रताड़ना भी कम पड़ी तो बोला, ‘बच्चा चाहिए तो पत्नी को मेरे पास भेज दो…’, TCS केस में लीडर्स की हैवानियत की खुली नई परत, जो पता चला…

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Nashik TCS Case: पीड़ित और उसकी पत्नी को संतान नहीं होने की बात का मजाक उड़ाते हुए टीम लीडर ने कथित तौर पर कहा, “इतना इलाज कराने के बाद भी तुम्हारी पत्नी मां नहीं बन पाई, अगर बच्चा चाहिए तो अपनी पत्नी को मेरे पास भेज दो।”

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  • Publish Date - April 16, 2026 / 10:24 AM IST,
    Updated On - April 16, 2026 / 10:24 AM IST

tcs nashik/ image source: ilyasilukhan x handle

HIGHLIGHTS
  • टीसीएस बीपीओ से चौंकाने वाला मामला
  • 4 साल तक मानसिक प्रताड़ना
  • जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप

Nashik TCS Case: नासिक: महाराष्ट्र के Nashik स्थित एक नामी कंपनी Tata Consultancy Services (टीसीएस बीपीओ) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने कॉरपोरेट माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि उसे बीते चार वर्षों से मानसिक, धार्मिक और व्यक्तिगत स्तर पर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। इंडिया टुडे को दिए अपने बयान में पीड़ित ने बताया कि उसके टीम लीडर तौसीफ अत्तारी और सहयोगी दानिश शेख समेत अन्य लोगों ने उसे जबरन नमाज पढ़ने, कलमा बोलने और मजहबी टोपी पहनने के लिए मजबूर किया। आरोप है कि उसकी धार्मिक आस्था को निशाना बनाकर उसे मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश की गई।

TCS employee harassment case: धर्मिक भावनाओं को पहुंचाया ठेस

पीड़ित के अनुसार, यह प्रताड़ना साल 2022 में कंपनी जॉइन करने के साथ ही शुरू हो गई थी। वह एक साधारण हिंदू परिवार से आता है और Samarth Ramdas का भक्त है, साथ ही रुद्राक्ष की माला पहनता है। इसी पहचान के कारण उसे निशाना बनाया गया। आरोपी अक्सर काम के दौरान उसे घेरकर हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाते, उनकी आस्थाओं पर सवाल उठाते और कहते कि “भगवान जैसा कुछ नहीं होता, सिर्फ अल्लाह ही सच है।” इतना ही नहीं, वे महाराष्ट्र के महापुरुषों के लिए भी अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते थे। धीरे-धीरे यह मजहबी बहस मानसिक उत्पीड़न में बदल गई, जिसका मकसद केवल उसे नीचा दिखाना और तोड़ना था।

workplace religious harassment India: पीड़ित की निजी जिंदगी को भी निशाना बनाया

घटना का सबसे संवेदनशील पहलू तब सामने आया जब आरोपियों ने पीड़ित की निजी जिंदगी को भी निशाना बनाया। पीड़ित और उसकी पत्नी को संतान नहीं होने की बात का मजाक उड़ाते हुए टीम लीडर ने कथित तौर पर कहा, “इतना इलाज कराने के बाद भी तुम्हारी पत्नी मां नहीं बन पाई, अगर बच्चा चाहिए तो अपनी पत्नी को मेरे पास भेज दो।” इस अमानवीय टिप्पणी के बाद पीड़ित का सब्र टूट गया और कंपनी परिसर में ही हंगामा हो गया। आरोप है कि इस दौरान तौसीफ ने गुस्से में टेबल फैन उठाकर पीड़ित पर फेंक दिया और उसे जान से मारने की धमकी भी दी। इसके अलावा, ईद के दिन उसे जबरन टोपी पहनाकर नमाज पढ़वाई गई और उसकी तस्वीर कंपनी के ग्रुप में डालकर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।

TCS Nashik: जबरन नॉन-वेज खाने के लिए मजबूर किया जाता था

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उसे जबरन नॉन-वेज खाने के लिए मजबूर किया जाता था, जबकि वह कट्टर शाकाहारी है। उसके पिता को पैरालिसिस अटैक आने पर भी आरोपियों ने संवेदनहीनता दिखाते हुए धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया और कहा कि इससे उसके पिता ठीक हो जाएंगे। जब पीड़ित ने विरोध किया, तो उसके खिलाफ हेड ऑफिस में झूठी रिपोर्ट भेजकर नौकरी से निकलवाने की कोशिश की गई। साल 2022 से 23 मार्च 2026 तक चले इस उत्पीड़न से परेशान होकर आखिरकार पीड़ित ने कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना है।

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पीड़ित ने क्या आरोप लगाए?

4 साल तक मानसिक प्रताड़ना

कब से शुरू हुई प्रताड़ना?

जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप