मुंबई, एक फरवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य सुनील तटकरे ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी भाजपा नीत राजग का हिस्सा बनी रहेगी और संगठन दिवंगत अजित पवार द्वारा निर्धारित विचारधारा एवं मार्ग पर आगे बढ़ेगा।
उनका बयान ऐसे समय में आया है, जब यह दावा किया जा रहा था कि राकांपा और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विलय की घोषणा की तारीख 12 फरवरी तय कर दी गई थी।
राकांपा के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में तटकरे ने कहा, ‘‘लोग चाहे कुछ भी कहें, हमारा रुख स्पष्ट है। हम पार्टी और अजितदादा की विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे। हम इस रुख पर अडिग हैं।’’
रायगड के सांसद ने कहा, ‘‘हम राजग के साथ हैं और राजग के साथ ही रहेंगे। अजितदादा ने यह निर्णय सोच-समझकर लिया था।’’
तटकरे ने कहा कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ तालमेल का निर्णय अजित पवार के नेतृत्व में सामूहिक रूप से लिया गया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने अजित पवार की सहमति के बिना कभी कोई राजनीतिक निर्णय नहीं लिया।
अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने की “जल्दबाजी” पर आलोचना का जिक्र करते हुए तटकरे ने कहा कि संविधान सभी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार देता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय महाराष्ट्र के हित में और राकांपा को मजबूत करने के लिए लिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में स्थिरता और अजित पवार के विकसित राज्य के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए उनके शपथ लेने में कुछ भी गलत नहीं है।’’
तटकरे ने कहा कि पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार पर फैसला राकांपा का आंतरिक मामला है और उन्होंने राजग के भीतर सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने हमेशा हमारे साथ सहयोग किया है और अपने सहयोगियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया है।’’
विलय को लेकर वार्ता के समय पर सवाल उठाते हुए तटकरे ने पूछा कि अजित पवार के अंतिम संस्कार से पहले ही इस तरह की अटकलें क्यों लगाई जाने लगीं।
तटकरे ने कहा कि उन्होंने विलय वार्ता से संबंधित कोई टिप्पणी नहीं की, फिर भी यह धारणा बनाई जा रही है कि वह इसके खिलाफ हैं।
बारामती में 28 जनवरी को विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले अजित पवार की अस्थियों को पार्टी कार्यालय लाया गया।
रायगड के सांसद ने बताया कि अजित पवार की अस्थियों को राज्य के सभी जिलों में ले जाया जाएगा, ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें।
इस बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि अगर राकांपा के विलय की चर्चाएं अंतिम चरण में होतीं, तो अजित पवार ने उन्हें इसके बारे में जरूर बताया होता।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘क्या राकांपा के विलय की बातचीत हमारी जानकारी के बिना अंतिम रूप ले सकती है? हमें 12 फरवरी की उस तारीख की जानकारी नहीं है जिसे विलय की औपचारिक घोषणा की तारीख बताया जा रहा है।’’
वहीं, अजित पवार के भतीजे और राकांपा (शप) के विधायक रोहित पवार ने रविवार को कहा कि वह पिछले तीन महीनों से विलय संबंधी वार्ता में शामिल थे और 13 दिन की शोक अवधि समाप्त होने के बाद चर्चा के विवरण का खुलासा करेंगे।
भाषा आशीष नेत्रपाल
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