मुंबई, 12 मई (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मंगलवार को कथित नीट पेपर लीक मामले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह की गिरफ्तारी की मांग की और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर लाखों उम्मीदवारों के भविष्य की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
सपकाल ने एक बयान में दावा किया कि परीक्षा रद्द होने से मेडिकल के लाखों उम्मीदवारों और उनके परिवारों को झटका लगा है।
सपकाल ने केंद्र की प्रमुख राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन की क्षमता पर सवाल उठाए।
एनटीए ने पेपर लीक के आरोपों के बीच तीन मई को आयोजित नीट (यूजी) 2026 की परीक्षा मंगलवार को रद्द कर दी और सरकार ने सीबीआई को ‘अनियमितताओं’ की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया।
लगभग 23 लाख पंजीकृत उम्मीदवारों के लिए आयोजित यह परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में आयोजित की गई थी।
कांग्रेस नेता ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में नीट परीक्षा में अनियमितताएं दूसरी बार सामने आई हैं और आरोप लगाया कि 2024 के विवाद के बाद की गई कार्रवाई भी इसमें शामिल लोगों को रोकने में विफल रही है।
उन्होंने एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह को हटाने और गिरफ्तार करने की मांग की और कहा कि पुनर्परीक्षा से देशभर में लगभग 22 लाख छात्रों और उनके परिवारों को असुविधा होगी।
सपकाल ने इस महीने की शुरुआत में महाराष्ट्र के दौंड में आयोजित राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं का भी जिक्र किया और कहा कि बार-बार होने वाली घटनाएं सरकार की अक्षमता को दर्शाती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में संरक्षण प्राप्त होने के कारण पेपर लीक में शामिल अपराधी बेरोकटोक काम कर रहे हैं और कहा कि छात्र और अभिभावक सरकार को माफ नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती रहेगी और अधिकारियों से जवाबदेही मांगने में छात्रों के साथ खड़ी रहेगी।
शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि पिछले एक दशक में, जब से भाजपा सत्ता में आई है, एमपीएससी हो या नीट, कई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं।
उन्होंने कहा कि किसी न किसी को गिरफ्तार कर लिया जाता है और लोगों को बताया जाता है कि आरोपियों ने कितना पैसा कमाया, लेकिन छात्रों की समस्याएं बनी रहती हैं।
भाषा
राखी माधव
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