मुंबई, 10 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के जलगांव जिले में पुलिस ने एक व्यक्ति की मौत को गलत तरीके से सड़क दुर्घटना में हुई मौत दिखाकर एक बीमा कंपनी से 50 लाख रुपये की बीमा राशि प्राप्त करने की साजिश रचने के आरोप में एक सरकारी चिकित्सा अधिकारी और चार पुलिसकर्मियों सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि उस व्यक्ति की वास्तव में 2024 में यकृत की बीमारी के कारण मौत हुई थी, जबकि उसके परिजन और अन्य आरोपियों ने निजी बीमा कंपनी को धोखा देने की कोशिश की थी और यह दावा करने के लिए कागजात में हेराफेरी की थी कि उसकी मृत्यु 2025 में एक सड़क दुर्घटना में हुई थी।
एक पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को कहा, “यह बीमा धोखाधड़ी उत्तरी महाराष्ट्र के जलगांव के चालीसगांव में सामने आई, जहां आरोपियों के एक समूह ने कथित तौर पर फर्जी सड़क दुर्घटना की कहानी गढ़कर 50 लाख रुपये का बीमा हासिल करने की कोशिश की।”
उन्होंने बताया कि पीड़ित राजेंद्र शालिंदर जाधव की पत्नी अरुणा ने बीमा का दावा दायर किया था।
उन्होंने बताया कि गहन जांच के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी, मृतक के भाई मिथुन जाधव, चालीसगांव ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी मंदार करम्बलेकर, पुलिसकर्मियों महेंद्र पाटिल, सुनील निकम, रविंद्र बतीसे और सचिन निकम के साथ-साथ बीमा एजेंट प्रवीण पाटिल और प्रेम पाटिल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया और उन्हें रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं का मानना है कि इस गिरोह ने इस कार्यप्रणाली को अपनाकर कई बीमा कंपनियों से लगभग 7.5 करोड़ रुपये का दावा हासिल करने की कोशिश की।
अधिकारी ने बताया कि धोखाधड़ी का पर्दाफाश तब हुआ जब एक बीमा अधिकारी ने दावे की सावधानीपूर्वक जांच की और उसमें विसंगतियां देखीं, जिसके कारण जांच शुरू हुई।
भाषा
शुभम प्रशांत
प्रशांत