Nitin Gadkari Retirement News: नितिन गडकरी लेंगे राजनीति से संन्यास? नागपुर में भरे मंच से कहा- ‘पुरानी पीढ़ी को पीछे हट जाना चाहिए’

Nitin Gadkari Retirement News: नितिन गडकरी लेंगे राजनीति से संन्यास? नागपुर में भरे मंच से कहा- 'पुरानी पीढ़ी को पीछे हट जाना चाहिए'

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  • Publish Date - January 19, 2026 / 12:46 PM IST,
    Updated On - January 19, 2026 / 01:42 PM IST

Nitin Gadkari Retirement News: नितिन गडकरी लेंगे राजनीति से संन्यास? नागपुर में भरे मंच से कहा- 'पुरानी पीढ़ी को पीछे हट जाना चाहिए' / Image: X

HIGHLIGHTS
  • बागडोर युवाओं के हाथ में सौंप देनी चाहिए
  • युवाओं की बढ़ती भागीदारी और उद्यमशीलता से बेहद प्रभावित
  • राजनीति केवल पद नहीं, बल्कि विकास का एक माध्यम

नागपुर: Nitin Gadkari Retirement News केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को अगली पीढ़ी को जिम्मेदारियां सौंपने की वकालत करते हुए कहा कि जब चीजें सुचारू रूप से चलने लगें तो पुरानी पीढ़ी को पीछे हट जाना चाहिए। नागपुर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में गडकरी, विदर्भ-खासदार औद्योगिक महोत्सव के बारे में बात कर रहे थे जिसकी परिकल्पना उन्होंने की थी। विदर्भ-खासदार औद्योगिक महोत्सव का आयोजन एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (एआईडी) के अध्यक्ष आशीष काले द्वारा किया गया था।

Nitin Gadkari Retirement News गडकरी ने कहा कि काले ने युवा पीढ़ी को ‘एडवांटेज विदर्भ’ पहल में शामिल किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना ​​है कि धीरे-धीरे पीढ़ी में भी बदलाव आना चाहिए।’’ गडकरी ने कहा, ‘‘आशीष के पिता मेरे मित्र हैं। अब हमें धीरे-धीरे सेवानिवृत्त होना चाहिए और जिम्मेदारी नयी पीढ़ी को सौंप देनी चाहिए और जब यह व्यवस्था सुचारू रूप से चलने लगे, तब हमें भी सेवानिवृत्त होकर कोई और काम करना चाहिए।’’

एआईडी के मुख्य मार्गदर्शक गडकरी ने बताया कि नागपुर में छह से आठ फरवरी तक आयोजित हो रहे ‘एडवांटेज विदर्भ एक्सपो’ का यह तीसरा वर्ष है। गडकरी ने कहा कि विदर्भ क्षेत्र में विभिन्न क्षेत्रों में बहुत अच्छे उद्यमी हैं। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य विदर्भ को भारत के औद्योगिक मानचित्र पर एक मजबूत और उभरते विकास केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

केंद्रीय मंत्री ने किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए औद्योगिक क्षेत्र, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों तथा सेवा क्षेत्र के महत्व पर भी जोर दिया। ‘एडवांटेज विदर्भ एक्सपो’ में कपड़ा, प्लास्टिक, खनिज, कोयला, विमानन, लॉजिस्टिक्स, आईटी, स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा, रियल एस्टेट, नवीकरणीय ऊर्जा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों के उद्योगों की भागीदारी होगी।

नितिन गडकरी का राजनीतिक सफर

1. शुरुआती जीवन और छात्र राजनीति

नितिन गडकरी का जन्म 27 मई 1957 को नागपुर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) से हुई। वे आपातकाल के दौरान सक्रिय रहे और बाद में भारतीय जनता युवा मोर्चा के सदस्य बने।

2. महाराष्ट्र की राजनीति में उदय

गडकरी ने ज़मीनी स्तर से काम किया और महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य (MLC) बनकर मुख्य राजनीति में कदम रखा:

  • PWD मंत्री (1995-1999): महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार के दौरान वे लोक निर्माण विभाग के मंत्री बने। इसी दौरान उन्होंने मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया और मुंबई में 50 से अधिक फ्लाईओवर बनवाए, जिससे उन्हें ‘फ्लाईओवर मैन’ की पहचान मिली।

3. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (2009-2013)

2009 के आम चुनाव में हार के बाद, भाजपा को एक नए और युवा नेतृत्व की तलाश थी। नितिन गडकरी को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। वे इस पद पर बैठने वाले सबसे कम उम्र के नेताओं में से एक थे। उन्होंने संगठन को आधुनिक बनाने और ‘अंत्योदय’ की विचारधारा पर जोर दिया।

4. मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री (2014 से अब तक)

 

क्या नितिन गडकरी ने सक्रिय राजनीति से संन्यास की घोषणा की है?

नहीं, उन्होंने संन्यास की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। उन्होंने केवल एक "सिद्धांत" (Philosophy) के तौर पर कहा कि पुरानी पीढ़ी को धीरे-धीरे जिम्मेदारी युवाओं को सौंपकर पीछे हट जाना चाहिए।

'एडवांटेज विदर्भ 2026' क्या है?

यह विदर्भ क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए गडकरी द्वारा परिकल्पित एक मेगा एक्सपो है। इसका तीसरा संस्करण 6 से 8 फरवरी 2026 तक नागपुर में आयोजित होगा, जिसमें 20 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

गडकरी ने "पीढ़ीगत बदलाव" की बात क्यों की?

वे विदर्भ के औद्योगिक महोत्सव में युवाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व से प्रभावित थे। उनका मानना है कि किसी भी संस्था या व्यवस्था के सुचारू होने पर मार्गदर्शकों को पीछे हट जाना चाहिए।

उनके राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या मानी जाती है?

भारत के सड़क नेटवर्क का आधुनिकीकरण। उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई में अभूतपूर्व वृद्धि हुई और कनेक्टिविटी बेहतर हुई।

क्या वे 2026 के बाद भी मंत्री पद पर रहेंगे?

फिलहाल वे अपने पद पर सक्रिय हैं। उनके बयान को एक व्यक्तिगत जीवन दर्शन (Personal Philosophy) के रूप में देखा जा रहा है, न कि तत्काल इस्तीफे के रूप में।