नागपुर विस्फोट की प्रारंभिक रिपोर्ट में कंपनी की लापरवाही और सुरक्षा संबंधी चूक सामने आई: बावनकुले

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नागपुर विस्फोट की प्रारंभिक रिपोर्ट में कंपनी की लापरवाही और सुरक्षा संबंधी चूक सामने आई: बावनकुले

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  • Publish Date - March 2, 2026 / 05:42 PM IST,
    Updated On - March 2, 2026 / 05:42 PM IST

नागपुर, दो मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को कहा कि नागपुर स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में हुए विस्फोट के मामले में प्रथम दृष्टया कंपनी की ओर से ‘‘लापरवाही’’ सामने आई है और विस्फोटक सामग्री निर्माता ने सुरक्षा उपायों का समुचित पालन नहीं किया।

बावनकुले ने यहां पत्रकारों से कहा कि पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो), औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य निदेशालय (डिश) और श्रम आयुक्त कार्यालय भी क्षेत्र में विस्फोटक निर्माण इकाइयों में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने में विफल रहे, और उनकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

रविवार को जिले की कटोल तहसील के राउलगांव में खनन और औद्योगिक विस्फोटक बनाने वाली कंपनी एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के कारखाने में हुए विस्फोट में 19 लोगों की मौत हो गई और 23 अन्य घायल हो गए।

जिला प्रभारी मंत्री ने बताया कि घायलों में से 13 की हालत गंभीर है।

उन्होंने कहा कि कंपनी मृतकों के परिजनों को 75-75 लाख रुपये और घायलों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देगी। मंत्री ने कहा कि इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और राज्य सरकार पांच-पांच लाख रुपये देगी।

बावनकुले ने बताया कि पीड़ित परिवारों को कुल 82-82 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इस घटना में शारीरिक रूप से अक्षम हुए लोगों के लिए एक पुनर्वास पैकेज भी तैयार किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि यह विस्फोट एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के ‘डेटोनेटर असेंबली’ संयंत्र में हुआ।

उन्होंने इस घटना के संबंध में राज्य मंत्री आशीष जायसवाल, रामटेक से सांसद श्यामकुमार बरवे, कटोल से विधायक शरद सिंह ठाकुर, संभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और पेसो और डिश के अधिकारियों के साथ बैठक की।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने इस घटना के संबंध में विस्फोटक बनाने वाली कंपनी के नौ निदेशकों को गिरफ्तार किया है।

उन्होंने कहा कि कलमेश्वर पुलिस ने एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के 21 निदेशकों और शेयरधारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है।

बावनकुले ने कहा कि (सुरक्षा एजेंसियों को) प्राथमिक रिपोर्ट में विस्फोटक कंपनी की ओर से ‘‘लापरवाही’’ का संकेत मिला है और यह भी कि सुरक्षा उपायों का ठीक से पालन नहीं किया गया था।

उन्होंने कहा कि एक महीने में विस्तृत रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

राजस्व विभाग का दायित्व देखने वाले मंत्री ने कहा कि बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कंपनी के अलावा, पेसो, डिश के अधिकारियों और श्रम आयुक्त कार्यालय की भी जवाबदेही तय की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में निरीक्षण कर्तव्यों और सुरक्षा उपायों का ठीक से पालन नहीं किया गया है, इसलिए संभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक जिम्मेदारी तय करेंगे तथा जरूरत पड़ने पर सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएंगे।

बावनकुले ने यह भी कहा कि उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ चर्चा की और उन्हें पिछले कुछ वर्षों में नागपुर जिले में विस्फोटक निर्माण कारखानों में हुए चार-पांच विस्फोटों की घटनाओं के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि संभागीय आयुक्त इन सभी विस्फोटों पर एक रिपोर्ट तैयार करेंगे जो केंद्र सरकार को भेजी जाएगी, ताकि संबंधित कानूनों में आवश्यक संशोधन किए जा सकें, उचित मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) बनाई जा सकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

बावनकुले ने बताया कि रविवार के विस्फोट के बाद बंद हुई एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के प्रबंधन ने कंपनी का परिचालन कार्य दोबारा शुरू होने तक अपने सभी कर्मचारियों को वेतन देना जारी रखने पर सहमति जताई है।

भाषा

नेत्रपाल माधव

माधव