पुणे इमारत हादसा: निजी कंपनी के दो अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी, परियोजना प्रमुख गिरफ्तार

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पुणे इमारत हादसा: निजी कंपनी के दो अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी, परियोजना प्रमुख गिरफ्तार

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  • Publish Date - July 14, 2026 / 11:07 PM IST,
    Updated On - July 14, 2026 / 11:07 PM IST

पुणे, 14 जुलाई (भाषा) पिंपरी चिंचवड पुलिस ने मोशी में आठ जुलाई को कचरे का एक विशाल ढेर ढहने और उसकी चपेट में आई तीन मंजिला इमारत के जमींदोज होने के मामले में ‘एंटनी लारा एनवायरो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ के परियोजना प्रमुख को गिरफ्तार कर लिया है। इस हादसे में इमारत के मलबे और कचरे के भारी ढेर के नीचे दबने से नौ श्रमिकों की मौत हो गई थी। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि सोमवार को एमआईडीसी भोसरी थाने में कंपनी के परियोजना प्रमुख अशोक गुप्ता और सुरक्षा अधिकारी विजय सपकाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया।

यह कंपनी घटनास्थल पर कचरे से ऊर्जा/ईंधन बनाने वाले संयंत्र का संचालन करती थी।

अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया, ‘मामले के मुख्य आरोपी और परियोजना प्रमुख को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरे आरोपी सुरक्षा अधिकारी को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। हम मामले की जांच कर रहे हैं।’

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), धारा 125 और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

आठ जुलाई को पिंपरी चिंचवड के मोशी कचरा डिपो में बरसों से जमा कचरे का एक विशाल पहाड़ वहां बनी एक तीन मंजिला इमारत पर गिर गया था, जिससे वह ढह गई और उसमें करीब दो दर्जन श्रमिक मलबे के नीचे दब गए थे। इस हादसे में नौ श्रमिकों की मौत हो गई थी।

पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका (पीसीएमसी) के अधिकारियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में दावा किया गया है कि यह जानते हुए भी कि भारी बारिश के कारण कचरा संचयन क्षेत्र (सैनेटरी लैंडफिल) को खतरा पैदा हो सकता है, वहां सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए।

प्राथमिकी में कहा गया है कि कोई सुरक्षात्मक कदम न उठाए जाने के कारण ही आठ जुलाई को कचरे के पहाड़ का एक हिस्सा तीन मंजिला इमारत पर गिर गया, जिससे नौ लोगों की जान चली गई।

महानगरपालिका ने सोमवार को बताया कि इस मामले की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कंपनी के अनुरोध पर केवल भूतल के लिए ही उपयोग प्रमाणपत्र जारी किया गया था।

पीसीएमसी के आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने इस हादसे की जांच के लिए एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय तकनीकी जांच समिति का गठन किया है।

उन्होंने कहा कि लगातार भारी बारिश के बावजूद कंपनी प्रथम दृष्टया संयंत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही। रिहायशी इमारत के ठीक बगल में पुराने कचरे का एक बहुत बड़ा ढेर होने के बावजूद कंपनी ने पर्याप्त सावधानी नहीं बरती।

सूर्यवंशी ने बताया कि शहरी विकास विभाग ने इस घटना की निष्पक्ष और विस्तृत तकनीकी जांच करने तथा भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाने के लिए एक स्वतंत्र समिति नियुक्त की है।

भाषा सुमित वैभव

वैभव