मुंबई, नौ अगस्त (भाषा) रांची में नौकरी के अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर शिवसेना ने तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी पर छात्रों के नाम पर राजनीतिक एजेंडा चलाने का आरोप लगाया और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के खिलाफ कुछ सांसदों, हस्तियों और कार्यकर्ताओं के कथित पक्षपातपूर्ण रवैये पर सवाल उठाए।
यह टिप्पणी रांची में भर्ती परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे नौकरी के अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद आई है। अभ्यर्थियों द्वारा अवरोधक तोड़कर राज्य विधानसभा तक पहुंचने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उन पर पानी की बौछारों, आंसू गैस के गोलों और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया था।
शिवसेना नेता संजय निरूपम ने सोमवार को आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने झारखंड में प्रदर्शनकारियों के साथ कभी संवाद नहीं किया जहां पिछले दो हफ्तों से प्रदर्शन हो रहे हैं और लोगों पर लाठियां बरसाई जा रही है।
निरूपम ने कहा,’राहुल गांधी छात्रों के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने (प्रदर्शनकारी) छात्रों के साथ कोई बातचीत नहीं की है। अगर वह वास्तव में छात्रों के मुद्दों को लेकर चिंतित हैं तो उन्हें इसका समाधान निकालना चाहिए।’
उन्होंने दावा किया कि न तो लोकसभा में विपक्ष के नेता (राहुल गांधी) ने रांची का दौरा किया और न ही कांग्रेस (जो झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार का हिस्सा है) ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कोई बयान जारी किया है।
झारखंड में जारी विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए शिवसेना नेता और सांसद मिलिंद देवड़ा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए ‘दोहरे रवैये’ पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोगों का गुस्सा और विरोध इस बात पर निर्भर करता है कि सत्ता में कौन है और पेपर लीक किस राज्य में हुआ है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सवाल किया, ‘क्या सांसद, हस्तियां और कार्यकर्ता #झारखंड प्रश्न पत्र लीक मामले में इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, रील्स बना रहे हैं, ट्वीट कर रहे हैं या सुनियोजित तरीके से छात्रों के साथ बातचीत आयोजित कर रहे हैं? जब हमारा आक्रोश इस बात पर निर्भर करता है कि सत्ता में कौन है और पर्चा कहां लीक हुआ है, तो क्या हम सच में भारत के युवाओं के साथ न्याय कर रहे हैं?’
प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों की मांग कर रहे हैं।
भाषा सुमित नरेश
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