मुंबई, 19 जून (भाषा) शिवसेना(उबाठा) के नेता संजय राउत ने शुक्रवार को दावा किया कि पार्टी के बागी सांसदों के बीच केंद्रीय मंत्री पद को लेकर अनबन थी और जिन्हें सरकार में मौका नहीं मिलेगा, उन्हें अतिरिक्त 25 करोड़ रुपये देने पर सहमति बनी है।
शिवसेना (उबाठा) नेता और पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने भी बागी सांसदों पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें बेशर्म, कृतघ्न और भ्रष्ट करार दिया। उन्होंने कहा कि इन सांसदों ने उन लोगों के साथ धोखा किया, जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्हें जीतने में मदद की थी।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश पाटिल-आष्टीकर और ओमप्रकाश राजे निंबालकर के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने की संभावना है।
ये सांसद बृहस्पतिवार को शिवसेना (उबाठा) संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे इन सभी के पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने की पुष्टि हो गई है।
शिवसेना (उबाठा) के कार्यकर्ताओं ने बागी सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया। इससे संकेत मिलता है कि उनका पार्टी छोड़ना महज अब औपचारिकता है।
नयी दिल्ली में पार्टी की बैठक में शामिल होने के बाद नासिक लौटने पर, शिवसेना(उबाठा) कार्यकर्ताओं ने ‘पार्टी के प्रति वफादार रहने’ के लिए नासिक रेलवे स्टेशन पर सांसद राजाभाऊ वाजे का ज़ोरदार स्वागत किया।
पार्टी के छह सांसदों के बागी होने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में आदित्य ठाकरे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि महाराष्ट्र इस गंदी राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगा।
ठाकरे ने कहा, ‘‘एक बार फिर हम गंदी राजनीति का एक चौंकाने वाला उदाहरण देख रहे हैं। ये बेशर्म, कृतघ्न और भ्रष्ट नेता, जो कुछ खास लोगों की वजह से 2024 में जीते थे, अब उन्हीं लोगों के साथ धोखा कर रहे हैं।’’
शिवसेना (उबाठा) के बागी छह सांसदों में एक ओमप्रकाश राजे निंबालकर ने शुक्रवार को कहा कि उनके पिता की हत्या के मामले में आने वाले फैसले का ‘मौजूदा राजनीतिक हालात’ से कोई संबंध नहीं है।
शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने दो दिन पहले दावा किया था कि धाराशिव के लोकसभा सदस्य निंबालकर को उनके पिता पवन राजे निंबालकर की 2006 में हुई हत्या से जुड़े मामले में उनके पक्ष में फैसला का वादा किया जा रहा है। इस मामले में फैसला 16 जून को आना था, लेकिन मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने फैसला सुनाने की तारीख 20 जून तक टाल दी।
धाराशिव से सांसद निंबालकर ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा,‘‘मेरे पिता की हत्या के मामले को मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़ने का कोई तुक नहीं है… अगर ऐसा होता, तो मैं जल्दी फैसले की उम्मीद में 2022 में ही सत्तारूढ़ दल में शामिल हो गया होता।’’
राउत ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया, ‘‘बागी गुट में इस बात को लेकर झगड़ा चल रहा है कि केंद्र में मंत्री कौन बनेगा। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘छह बागी सांसदों में से केवल एक ही मंत्री बन सकता है, इसलिए यह समझौता हुआ है कि बाकी लोगों को (दल बदलने के लिए) अतिरिक्त 25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।’’
राउत ने बुधवार को दावा किया था कि बागी सांसदों को पाला बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही थी।
शिवसेना (उबाठा) नेता ने मुंबई उत्तर-पूर्व से लोकसभा सदस्य संजय दीना पाटिल की बगावत पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पार्टी छोड़ने की कोई वजह नहीं थी। यहां तक कि एक ‘वफादार’ को नजरअंदाज करके उनकी बेटी राजुल पाटिल को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी)का टिकट दिया गया था। राजुल ने इस साल की शुरुआत में निकाय चुनाव में जीत दर्ज की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें पूरा भरोसा था कि संजय दीना पाटिल बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली में पार्टी की ओर से बुलाई गई बैठक में शामिल होंगे।’’
राउत ने बागी सांसदों को ‘वाई-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराने के लिए महाराष्ट्र सरकार की भी आलोचना की और उन्हें बिना किसी सुरक्षा के घूमने की चुनौती दी।
उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस विभाग केवल गद्दारों की सुरक्षा के लिए है। यह जनता के पैसे की बर्बादी है।’’
राउत नेता ने कहा कि बागी सांसदों को पहले इस्तीफा देना चाहिए और जनता से नया जनादेश लेना चाहिए।
शिवसेना (उबाठा) के एक अन्य नेता अंबादास दानवे ने शुक्रवार को पार्टी में हो रही बगावत के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना(उबाठा) में बगावत भाजपा की ‘साजिश’ है क्योंकि वह संसद में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का संख्याबल बढ़ाकर विवादित परिसीमन विधेयक को पारित कराना चाहती है।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को डर है कि 2029 के लोकसभा चुनावों में जनता जनादेश वापस ले सकती है। शिवसेना(उबाठा) के सांसदों को लेकर जो गतिविधियां चल रही हैं, वे संसद में विधेयक पारित कराने की योजना का ही हिस्सा हैं। योजना पर अमल पुख्ता करने के लिए भाजपा इस तरीके से सांसदों को अपने पाले में कर रही है। उसे किसी भी पार्टी के सांसदों से कोई लगाव नहीं है, लेकिन हमारी पार्टी के सांसदों को लेकर हो रही यह सारी जोड़-तोड़ इसी योजना का हिस्सा है।’’
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की मुंबई नगर इकाई के अध्यक्ष संदीप देशपांडे ने दावा किया कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि उद्धव ठाकरे को संजय पाटिल को टिकट नहीं देना चाहिए, क्योंकि वही सबसे पहले पाला बदलेंगे।
भाषा धीरज माधव
माधव