सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी तिरुपति लड्डू मिलावट मामले में एसआईटी की रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे

Ads

सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी तिरुपति लड्डू मिलावट मामले में एसआईटी की रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे

  •  
  • Publish Date - February 20, 2026 / 10:38 PM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 10:38 PM IST

अमरावती, 20 फरवरी (भाषा)आंध्र प्रदेश सरकार ने तिरुपति लड्डू को बनाने में इस्तेमाल घी में कथित मिलावट की जांच करने के लिए गठित सीबीआई नीत एसआईटी द्वारा तैयार सारांश रिपोर्ट की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दिनेश कुमार के नेतृत्व में एक सदस्यीय समिति गठित की जो दोषी लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की सिफारिश करेगी।

उच्चतम न्यायालय की ओर से नियुक्त केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) नीत विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने के बाद इस एक समिति का गठन किया गया है।

एसआईटी ने 23 जनवरी को अदालत में अंतिम आरोप पत्र प्रस्तुत किया, साथ ही सारांश रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जिसमें लड्डू में घी के मुद्दे पर दोषी समिति सदस्यों और तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश की गई थी।

मुख्य सचिव के. विजयानंद ने एक सरकारी आदेश में कहा, ‘‘दिनेश कुमार को सारांश रिपोर्ट की समीक्षा करने और घी निविदा शर्तों में छूट और प्रवर्तन में चूक, कमियों और विफलताओं के लिए दोषी टीटीडी के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश करने के लिए एक सदस्यीय समिति के रूप में नियुक्त किया गया है।’’

विजयानंद ने कहा, ‘‘समिति इस आदेश के जारी होने की तारीख से 45 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।’’ उन्होंने कहा कि यह सरकारी आदेश किसी भी अदालत के समक्ष लंबित कार्यवाही पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सितंबर 2024 में दावा किया था कि राज्य में वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार के दौरान तिरुपति लड्डू (पवित्र प्रसाद ) तैयार करने में पशु वसा का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश