मुंबई, 25 फरवरी (भाषा) फिल्मकार रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई गोलीबारी मामले के संदिग्ध मुख्य शूटर और छह अन्य व्यक्तियों की पुलिस हिरासत एक विशेष अदालत ने बुधवार को चार मार्च तक बढ़ा दी, क्योंकि अपराध के कुछ पहलुओं की व्यापक जांच की आवश्यकता है।
पुलिस ने यह कहते हुए आरोपियों की और दस दिन की हिरासत मांगी कि हथियारों से संबंधित कुछ बरामदगी अभी बाकी है। उसने कहा कि आरोपियों द्वारा टोह लेने के संबंध में भी आगे की जांच आवश्यक है।
अदालत के संज्ञान में यह भी लाया गया कि मामले में शस्त्र अधिनियम की अतिरिक्त धाराएं जोड़ी गई हैं।
शूटर दीपक शर्मा समेत आरोपियों को 14 फरवरी को हरियाणा और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था।
आरोपियों की उनकी पिछली हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद, उन्हें बुधवार को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (एमसीओसीए) के अंतर्गत मामलों के विशेष न्यायाधीश सत्यनारायण नवंदर के समक्ष पेश किया गया।
सभी आरोपियों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता दिलीप शुक्ला ने पुलिस द्वारा हिरासत को दस दिन बढ़ाने के अनुरोध का विरोध किया। उन्होंने निवेदन किया कि न्याय के हित में पुलिस को कम दिनों की हिरासत दी जा सकती है।
विशेष न्यायाधीश नवंदर ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि जांच के दायरे को देखते हुए पुलिस को पर्याप्त समय दिया जाना आवश्यक है।
जुहू स्थित शेट्टी की नौ मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर एक फरवरी को कम से कम पांच गोलियां चलाई गई थीं। एक गोली इमारत के अंदर स्थित जिम के शीशे पर लगी थी।
लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य शुभम लोनकर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस घटना की जिम्मेदारी ली है। लोनकर राकांपा नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड और बांद्रा में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के आवास पर गोलीबारी के मामले में वांछित आरोपी है।
भाषा अमित रंजन
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