मुंबई: Sanjay Raut Will Join NCP महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। आए दिन सियासी गलियारों में भूचाल की खबरें सामने आ रही है। जहां एक ओर लंबे समय से अजित पवार सहित 40 से 50 विधायकों के भाजपा में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर शरद पवार ने एनसीपी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देकर वापस ले लिया है। लेकिन इस बीच भाजपा विधायक नितेश राणे के एक बयान ने सियासी गलियारों में बवाल मचा दियसा है।
Sanjay Raut Will Join NCP दरअसल नितेश राणे ने अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ने वाली हैं। उन्होंने दावा किया कि संजय राउत 10 जून को एनसीपी में शामिल होंगे। राणे ने आगे दावा किया कि संजय राउत अजित पवार के विरोधी हैं और अगर वह पार्टी छोड़ देते हैं तो संजय राउत एनसीपी में शामिल हो जाएंगे।
Read More: गोल्डन टेम्पल के बाहर हुआ धमाका, कई लोग हुए घायल, पुलिस ने कही ये बात…
राणे ने कहा कि मुझे मिली जानकारी के अनुसार, संजय राउत शरद पवार का अनुसरण कर रहे हैं क्योंकि वह जल्द ही एनसीपी में शामिल होने वाले हैं और इसलिए जल्दबाजी में ऐसा कर रहे हैं। संजय राउत ने हमेशा अजित पवार का विरोध किया है। इसलिए उनकी बस एक शर्त है, अगर अजित पवार पार्टी छोड़ देते हैं तो वह NCP में शामिल होंगे। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि संजय राउत राजनीतिक रूप से उद्धव ठाकरे को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।
Read More: ‘बजरंगबली आदिवासी हैं’ कांग्रेस विधायक ने पूर्व सीएम की मौजूदगी में दिया बड़ा बयान
राणे ने कहा- संजय राउत भविष्य में एनसीपी के मंच पर नजर आएंगे। जब शरद पवार ने इस्तीफा दिया था तो विपक्ष के सभी नेताओं ने शरद पवार को इस्तीफा न देने के लिए कहा, लेकिन मैंने कहीं भी नहीं पढ़ा या देखा कि उद्धव ठाकरे ने फोन किया या पूछा। उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए। इसलिए संजय राउत उद्धव ठाकरे को राजनीतिक तरीके से खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं उद्धव ठाकरे को सिर्फ यह बताना चाहता हूं कि संजय राउत एक सांप है।
Read More: पूर्व विधायक दीपक जोशी का जाना मतलब ‘अंश’ चलेगा ‘वंश’ नहीं
वहीं, नितेश राणे के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि भाजपा नेता को इस तरह के बयान देने के लिए रुपये मिलते हैं। इससे पहले बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने एनसीपी प्रमुख के रूप में शरद पवार के इस्तीफे को देश और महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ी घटना बताया था।