मुंबई, 13 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को कहा कि नासिक में महाराष्ट्र आवासीय एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएचएडीए) आरक्षण के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जाएगा और जो लोग गरीबों को उनके आवासों से वंचित करने के प्रयास में शामिल होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
नासिक में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और निम्न आय समूह (एलआईडी) के लिए आरक्षित 20 प्रतिशत एमएचएडीए कोटे के कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं के बाद एसआईटी के गठन का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर नासिक के संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है, जिसमें राज्य के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
बावनकुले ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘गरीबों के अधिकारों को छीनने और उन्हें उनके हक से वंचित करने वाले चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।’
राजस्व मंत्री ने कहा कि एसआईटी अपनी रिपोर्ट एक महीने में प्रस्तुत करेगी।
बयान के अनुसार, जांच के दौरान विशेष रूप से 4,000 वर्ग मीटर से अधिक आकार वाले स्थानों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जहां डेवलपर्स ने कथित तौर पर 20 प्रतिशत भूमि या इकाइयां एमएचएडीए के लिए आरक्षित नहीं की थीं।
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप