मुंबई, 10 अप्रैल (भाषा) रामानंद सागर के ऐतिहासिक टीवी सीरियल ‘रामायण’ में लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले अभिनेता सुनील लहरी ने यह उम्मीद जताई है कि नितेश तिवारी की ‘रामायण’ एक ऐतिहासिक फिल्म साबित होगी और पौराणिक महाकाव्य को सबसे उपयुक्त तरीके से प्रस्तुत करेगी।
फिल्म ‘दंगल’ के निर्देशक नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम, रवि दुबे भगवान लक्ष्मण, साई पल्लवी देवी सीता और यश रावण की भूमिका में नजर आएंगे।
लहरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “मुझे टीज़र में कुछ चीजें पसंद आईं और कुछ नापसंद। मैं बस यही कामना और आशा कर सकता हूं कि वे हमारे देश के लिए एक ऐतिहासिक फिल्म बनाएं, जो हमारी संस्कृति को सही ढंग से प्रस्तुत कर सके।”
उन्होंने कहा कि कपूर एक ‘समझदार और संवेदनशील’ अभिनेता हैं लेकिन उन्हें लगता है कि उनके अभिनय में भगवान राम वाली ‘मासूमियत’ की कमी है।
उन्होंने कहा, ‘रणबीर निसंदेह एक बहुत अच्छे अभिनेता हैं। वह निश्चित रूप से बहुत अच्छा करेंगे। लेकिन क्या दर्शक उन्हें राम के रूप में स्वीकार करेंगे, यह सवाल है।’
उन्होंने कहा, “जब रणबीर के उजाले में कदम रखने वाले दृश्य में उनकी पहली झलक में जो मासूमियत होनी चाहिए थी, वह गायब थी। मुझे वह पसंद नहीं आया, मासूमियत गायब थी।”
लहरी ने टीजर में दिखाए गए इफेक्ट्स को अच्छा बताया है लेकिन राक्षसों के चित्रण पर निराशा व्यक्त की है।
यह फिल्म 2026 में दिवाली के अवसर पर रिलीज की जाएगी।
लहरी ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि वे कोई बड़ी गलती नहीं करेंगे। अगर उन्हें लगता है कि वे खुद को अलग दिखाना चाहते हैं और कुछ ऐसा करना चाहते हैं जिससे लोग ‘वाह’ कहें, तो उन्हें समझना चाहिए कि ‘वाह’ (दृश्यों के संदर्भ में) यहां काम नहीं करता।”
उन्होंने ‘रामायण’ के सेट पर काम करने की कठिन परिस्थितियों को याद करते हुए कहा, “हमने जो बनाया वह बहुत ही साधारण था। हो सकता है कि उसका प्रभाव उतना दमदार नहीं रहा हो, लेकिन वास्तविकता के काफी करीब था। पोशाकों को देखिए, मुकुट ठोस पीतल के बने थे, वे काफी भारी थे।”
‘रामायण’ का निर्माण नमित मल्होत्रा के ‘प्राइम फोकस स्टूडियोज’ और डीएनईजी तथा यश के ‘मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स’ के सहयोग से किया जा रहा है।
भाषा
प्रचेता वैभव
वैभव