तनिष्क बागची का ‘सैयारा’ के लिए रॉयल्टी नहीं मिलने का दावा, वाईआरएफ ने सभी भुगतान की बात कही

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तनिष्क बागची का ‘सैयारा’ के लिए रॉयल्टी नहीं मिलने का दावा, वाईआरएफ ने सभी भुगतान की बात कही

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  • Publish Date - July 18, 2026 / 08:45 PM IST,
    Updated On - July 18, 2026 / 08:45 PM IST

मुंबई, 18 जुलाई (भाषा) फिल्म ‘सैयारा’ के संगीतकार तनिष्क बागची ने शनिवार को दावा किया कि फिल्म के सुपरहिट शीर्षक गीत के लिए उन्हें अब तक आठ लाख रुपये की रॉयल्टी नहीं मिली है। हालांकि, यशराज फिल्म्स (वाईआरएफ) ने कहा कि अनुबंध के अनुसार सभी बकाया भुगतान कर दिए गए हैं।

फिल्म की रिलीज की पहली वर्षगांठ पर इंस्टाग्राम पर एक लंबा पोस्ट साझा करते हुए बागची ने कहा कि उन्होंने इस शीर्षक गीत के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया था, क्योंकि यह यशराज फिल्म्स और वाईआरएफ म्यूजिक के साथ उनका पहला प्रोजेक्ट था।

उन्होंने लिखा, ‘‘प्रोडक्शन से लेकर धुन तैयार करने, गीतकार और गायकों के साथ काम करने, रिकॉर्डिंग, वोकल ट्यूनिंग, साउंड और व्यवस्था तक हर छोटी-बड़ी बात मेरे लिए मायने रखती थी। मैंने इसे अपना गीत मानकर काम किया। वाईआरएफ ने जो मामूली पारिश्रमिक दिया था, वह पूरा लाइव रिकॉर्डिंग और मिक्सिंग पर खर्च हो गया। अंत में मेरे पास कुछ नहीं बचा। इतने बड़े गीत से मेरी यही कमाई हुई।’’

बागची ने कहा, ‘‘सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात की है कि रॉयल्टी विवरण के अनुसार, इतने बड़े गीत के लिए मुझे अब भी सिर्फ आठ लाख रुपये की रॉयल्टी मिलनी बाकी है। यह गीत विभिन्न मंचों पर करोड़ों बार सुना और देखा जा चुका है। सच कहूं तो मैंने इसमें जितनी मेहनत, समय और जुनून लगाया, उसके मुकाबले आठ लाख रुपये बहुत मामूली रकम लगती है। मुझे सचमुच लगा था कि इतनी बड़ी सफलता पाने वाले गीत से कहीं अधिक कमाई होगी।’’

वाईआरएफ के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि ‘सैयारा’ का शीर्षक गीत तनिष्क बागची, फहीम अब्दुल्ला और अरसलान निजामी की संयुक्त रचना है।

कंपनी ने बयान में कहा, ‘‘हम इन तीनों की प्रतिभा के लिए बेहद आभारी हैं, जिन्होंने ऐसा कालजयी गीत बनाया जिसने लाखों दिलों को छुआ। शीर्षक गीत की रॉयल्टी अनुबंध के अनुसार तीनों संगीतकारों के बीच समान रूप से बांटी गई है और आगे भी बांटी जाती रहेगी। वाईआरएफ ने अनुबंध और आपसी सहमति के अनुसार सभी सहयोगियों को उनका देय भुगतान समय पर किया है।’’

‘रातां लंबियां’, ‘बोलना’ और ‘आफत’ जैसे लोकप्रिय गीतों के लिए मशहूर बागची ने कहा कि वह यह बातें किसी की सहानुभूति पाने के लिए नहीं लिख रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इस अनुभव ने इस उद्योग को देखने का मेरा नजरिया बदल दिया है। अब मैं केवल उन्हीं निर्माता-निर्देशकों के साथ काम करूंगा जो रचनात्मकता, ईमानदारी और संगीत बनाने वाले लोगों का सम्मान करते हैं।’’

उन्होंने आगे लिखा, ‘‘मैंने यह भी सीखा है कि कभी-कभी आप लोगों को अपना सब कुछ दे देते हैं, लेकिन जब सफलता मिलती है तो वे भूल जाते हैं कि उनके साथ कौन खड़ा था। बाकी सब मैं भगवान पर छोड़ता हूं। समय हर कहानी बता देता है और कर्म हर हिसाब बराबर कर देता है। इस पूरी फिल्म में मैं केवल मोहित सूरी और इरशाद कामिल का सम्मान करता हूं। मोहित सूरी की वजह से ही मैंने यह फिल्म की थी।’’

मोहित सूरी द्वारा निर्देशित इस रोमांटिक ड्रामा फिल्म में नवोदित कलाकार अहान पांडे और अनीत पड्डा मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि इसके गीत इरशाद कामिल ने लिखे हैं।

नए कलाकारों के बावजूद यह फिल्म दुनिया भर में लगभग 600 करोड़ रुपये का कारोबार करने में सफल रही।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश