Rahul Gandhi Defamation Case: बढ़ सकती है राहुल गांधी की मुश्किलें, मानहानि मामले में इस दिन होगी सुनवाई, 2018 कर्नाटक विधानसभा चुनाव से जुड़ा है मामला

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Rahul Gandhi Defamation Case: सांसद राहुल गांधी के खिलाफ जारी मानहानि मामले की सुनवाई शनिवार को नहीं हो सकी।

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  • Publish Date - July 18, 2026 / 08:27 PM IST,
    Updated On - July 18, 2026 / 08:29 PM IST

Rahul Gandhi Defamation Case/Image Credit: X Handle

HIGHLIGHTS
  • राहुल गांधी के खिलाफ जारी मानहानि मामले की सुनवाई शनिवार को नहीं हो सकी।
  • राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में अब 5 अगस्त को सुनवाया होगी।
  • 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव से जुड़ा है मामला।

Rahul Gandhi Defamation Case:  सुलतानपुर: उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर की एक विशेष अदालत में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी के खिलाफ जारी मानहानि मामले की सुनवाई शनिवार को नहीं हो सकी। एक अधिवक्ता ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संबंधित न्यायाधीश के प्रशिक्षण पर होने के कारण मामले की सुनवाई नहीं हो सकी और अब अगली सुनवाई पांच अगस्त को होगी।

इस वजह से बदली सुनवाई की तारीख

राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि सांसद/विधायक (एमपी-एमएलए) अदालत में शनिवार को मामले की सुनवाई निर्धारित थी लेकिन संबंधित न्यायाधीश के प्रशिक्षण पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि अदालत ने अगली सुनवाई के लिए पांच अगस्त की तारीख तय की है। शुक्ला ने बताया कि मामले से संबंधित एक निगरानी याचिका अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) की अदालत में लंबित थी, जिसे पिछली सुनवाई में खारिज कर दिया गया था। (Rahul Gandhi Defamation Case) निगरानी याचिका खारिज होने के बाद मूल पत्रावली अधीनस्थ न्यायालय में वापस आनी थी, जिसके बाद मामले में बहस होनी थी। उन्होंने बताया कि एडीजे कोर्ट संख्या-5 में लंबित यह निगरानी याचिका राहुल गांधी की आवाज के नमूने से संबंधित थी, जिसे अदालत ने 15 जुलाई को खारिज कर दिया था। याचिका में पत्रावली में संलग्न सीडी का राहुल गांधी की आवाज के नमूने से मिलान कराने का अनुरोध किया गया था।

अदालत के आदेश को हाई कोर्ट में देंगे चुनौती: संतोष कुमार पांडेय

Rahul Gandhi Defamation Case: अदालत ने आदेश में कहा था कि यह अर्जी अत्यधिक विलंब से दायर की गयी थी और पूरी तरह आधारहीन है। अदालत ने यह भी कहा था कि अधीनस्थ न्यायालय ने अपने विवेक का उचित प्रयोग किया और उसके आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। वहीं शिकायतकर्ता विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि वे इस आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। इससे पहले दो मई को सांसद/विधायक अदालत ने आवाज के नमूने के मिलान का अनुरोध खारिज कर दिया था, जिसके बाद 21 मई को परिवादी की ओर से सत्र न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की गई थी। अदालत ने इस पर एक जुलाई को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था और 15 जुलाई को आदेश सुनाया था। यह मामला वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्कालीन अध्यक्ष एवं वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। इस संबंध में भाजपा नेता विजय मिश्रा ने सुलतानपुर की सांसद/विधायक अदालत में मुकदमा दायर किया था।

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