आंध्र प्रदेश में आईएसआईएस से कथित तौर पर जुड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश

Ads

आंध्र प्रदेश में आईएसआईएस से कथित तौर पर जुड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश

  •  
  • Publish Date - April 5, 2026 / 09:21 PM IST,
    Updated On - April 5, 2026 / 09:21 PM IST

अमरावती, पांच अप्रैल (भाषा) विदेशी आकाओं और आईएसआईएस सहित चरमपंथी संगठनों से संदिग्ध संबंधों वाले एक आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है, जो कथित तौर पर भारत में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में शामिल है। खुफिया विभाग के सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।

इससे पहले, आंध्र प्रदेश पुलिस ने बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और राजस्थान में टीमें तैनात की थीं ताकि नेटवर्क से जुड़े दक्षिणी राज्य के तीन लोगों सहित एक दर्जन संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा सके।

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ और उसके सहयोगी जिहादी प्रचार प्रसार और ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से युवाओं को बरगलाने में लगे संचालकों के संपर्क में थे।

जांचकर्ताओं को संदेह है कि समूह की विस्तार रणनीति के तहत महिलाओं को एक अलग ‘खवातीन’ शाखा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया था।

खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “विदेशी आकाओं और ‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया’ (आईएसआईएस) और ‘अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ (एक्यूआईएस) जैसे चरमपंथी संगठनों से जुड़े एक जिहादी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है, जो भारत में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने में लगा हुआ था।”

यह समूह सक्रिय रूप से चरमपंथी सामग्री साझा कर रहा था और विदेशी आकाओं से संपर्क बनाए हुए था।

आरोपियों ने कथित तौर पर ओसामा बिन लादेन, इसरार अहमद शेख, जाकिर नायक और अनवर अल-अवलाकी के वीडियो प्रसारित किए ताकि मुस्लिम युवाओं को जिहाद और चरमपंथी विचारधाराओं की ओर प्रभावित किया जा सके।

पुलिस को पता चला कि इस समूह ने 40 से अधिक सोशल मीडिया खातों के माध्यम से पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सीरिया और बांग्लादेश में स्थित संचालकों से संपर्क स्थापित किया था, जिसका उद्देश्य ‘हिजरत’ को सुविधाजनक बनाना और भारत में एक इस्लामी राज्य (खिलाफत) की स्थापना करना था।

अधिकारी ने बताया कि अल-हकीम शुकोर, मोहम्मद हुजैफा, निंजा, हेमरोक्सी, अबू मुहरिब और अबू बलुशी के रूप में पहचाने गए आकाओं ने कथित तौर पर समूह को आतंकवादी प्रशिक्षण, स्नाइपर राइफलों सहित हथियारों के उपयोग और हथियारों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के बारे में मार्गदर्शन दिया।

कुछ कट्टरपंथी पहले से ही विदेशों में मदरसों (इस्लामी धार्मिक स्कूलों) में जिहादी प्रशिक्षण ले रहे थे, जबकि नेटवर्क में और अधिक लोगों की भर्ती के प्रयास भी किये जा रहे थे।

आरोपियों में से एक, सईदा बेगम, पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय कार्यकर्ताओं के संपर्क में थी और कथित तौर पर जिहादी गतिविधियों में समन्वय बिठाने की साजिश रच रही थी।

भाषा प्रशांत संतोष

संतोष