ठाणे, चार जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने वर्ष 2018 में सड़क दुर्घटना में घायल हुए पुलिस विभाग में काम कर चुके 64 वर्षीय व्यक्ति को 19.20 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
एमएसीटी के सदस्य आर. वी. मोहिते ने बृहस्पतिवार को बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को निर्देश दिया कि वह याचिका दायर किए जाने की तारीख से नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित मुआवजे का भुगतान पहले करे और बाद में बीमा पॉलिसी की शर्तों के उल्लंघन के कारण वाहन मालिक से यह राशि वसूले।
मामले के अनुसार, यह दुर्घटना 30 मई 2018 की रात हुई थी। कलवा निवासी मच्छिंद्र सीताराम सूर्यवंशी रोज की तरह टहलकर घर लौट रहे थे, तभी गलत दिशा से तेज गति से आ रहे एक स्कूटर ने उन्हें टक्कर मार दी जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। यह स्कूटर एक नाबालिग चला रहा था।
दुर्घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा और उनके इलाज पर 14.70 लाख रुपये से अधिक खर्च हुए।
बीमा कंपनी ने यह कहते हुए दावे का विरोध किया कि स्कूटर चला रहे किशोर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। हालांकि, अधिकरण ने कहा कि वाहन मालिक राजेश हरि गवारे और उनके बेटे ने स्थानीय मजिस्ट्रेट की अदालत में यातायात नियमों के उल्लंघन का दोष स्वीकार करते हुए जुर्माना भी भर दिया था।
याचिकाकर्ता ने स्थायी दिव्यांगता का हवाला देते हुए अधिक मुआवजे की मांग की थी, लेकिन अधिकरण ने कहा कि चूंकि वह सेवानिवृत्त हैं और उन्हें 33,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिल रही है, इसलिए दुर्घटना के कारण उनकी कार्यात्मक क्षमता प्रभावित नहीं हुई।
अधिकरण द्वारा निर्धारित मुआवजे में 14.70 लाख रुपये अस्पताल के बिल, दो लाख रुपये दवाइयों का खर्च और डेढ़ लाख रुपये शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा के लिए शामिल हैं।
अधिकरण ने यह भी निर्देश दिया कि मुआवजे में से चार लाख रुपये दो वर्ष की अवधि के लिए सवधि जमा में रखे जाएं।
भाषा शोभना रंजन
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