ठाणे, 14 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2010 में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक व्यक्ति के परिवार को 10 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया है।
न्यायाधिकरण ने ट्रक मालिक गजानन टी. ठाकुर और एक निजी बीमा कंपनी को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें मुआवजे की राशि 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ जमा करने का निर्देश दिया।
एक होटल में बैरा (वेटर) के रूप में कार्यरत दौलत ठाकरे 16 अक्टूबर, 2010 को मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे हुए थे, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बाद में ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया।
इसके बाद ठाकरे की पत्नी, दो नाबालिग बेटों और माता-पिता ने 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर न्यायाधिकरण में याचिका दायर की।
बीमा कंपनी ने दावा याचिका का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि पॉलिसी कवर नोट फर्जी था, ट्रक के पास वैध परमिट नहीं था और मोटरसाइकिल चालक की लापरवाही थी।
इन दलीलों को खारिज करते हुए न्यायाधिकरण ने ट्रक मालिक और बीमा कंपनी को पीड़ित के परिवार को 10,37,408 रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया।
भाषा तान्या अविनाश
अविनाश