निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाने में कुछ गलत नहीं : पृथ्वीराज चव्हाण

निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाने में कुछ गलत नहीं : पृथ्वीराज चव्हाण

निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाने में कुछ गलत नहीं : पृथ्वीराज चव्हाण
Modified Date: August 11, 2026 / 01:03 am IST
Published Date: August 11, 2026 1:03 am IST

नागपुर, 10 अगस्त (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के अगले राजनीतिक कदम को लेकर जारी अटकलों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने सोमवार को कहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी के सांसदों द्वारा अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करने में कुछ भी गलत नहीं है।

हालांकि, जब उनसे हाल में शरद पवार और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात तथा पार्टी के एक वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच हुई बैठक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि राकांपा (शरद चंद्र पवार) में ‘‘कुछ चल रहा है’’,।

शरद पवार के नेतृत्व वाले राकांपा धड़े के सभी लोकसभा सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले के नेतृत्व में मोदी से मुलाकात की और महाराष्ट्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

राकांपा (शरद चंद्र पवार) ने कहा कि सांसदों ने लंबित मामलों पर चर्चा की और प्रधानमंत्री को महाराष्ट्र के लोगों की समस्याओं से अवगत कराया।

हाल में शरद पवार ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी, जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने फडणवीस से मुलाकात की थी, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गई थीं।

चव्हाण ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राकांपा (शरद चंद्र पवार) के अंदर क्या चर्चा हो रही है या उसकी दिशा क्या होगी, मैं निश्चित तौर पर नहीं कह सकता। लेकिन मैं समझता हूं कि यदि कोई सांसद प्रधानमंत्री से मिलता है और अपने निर्वाचन क्षेत्र या राज्य के मुद्दे उठाता है, तो इसमें कुछ गलत नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘और यदि वह पार्टी से जुड़े मामलों पर बात करता है, तो वह भी निजी तौर पर किया जा सकता है। इसे सार्वजनिक करने की कोई जरूरत नहीं है।’’

हालांकि, चव्हाण ने कहा कि राकांपा (शरद चंद्र पवार) के भीतर कुछ चल रहा है। उन्होंने पार्टी के कुछ सांसदों के उन बयानों का उल्लेख किया कि उन्हें पर्याप्त धन नहीं मिल रहा है और विकास कार्यों की गति धीमी हो रही है।

भाषा अमित

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