उद्धव को भगवान राम का नाम लेने का कोई अधिकार नहीं: संजय निरुपम
उद्धव को भगवान राम का नाम लेने का कोई अधिकार नहीं: संजय निरुपम
मुंबई, 18 जुलाई (भाषा) शिवसेना नेता संजय निरुपम ने शनिवार को शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे के ‘राम रक्षा आंदोलन’ को लेकर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री को हिंदुत्व की विचारधारा छोड़ने के बाद भगवान राम का नाम लेने का कोई अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से जुड़े पूर्व सांसद ने कहा कि जो लोग राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करने का नाटक कर रहे हैं, वे वास्तव में अपनी ‘‘टूटी और बिखरी हुई’’ पार्टी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘उद्धव ठाकरे, जिन्होंने राम से नाता तोड़ लिया, हिंदुत्व की बलि दे दी, बाल ठाकरे के आदर्शों को छोड़ दिया और कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया, उनके पास राम का नाम लेने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।’’
बाल ठाकरे के नेतृत्व वाली अविभाजित शिवसेना से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले निरुपम खुद भी कई साल तक कांग्रेस में रहे थे।
निरुपम ने दावा किया कि जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तब पालघर जिले में भीड़ द्वारा साधुओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी और वह मूकदर्शक बने रहे।
उन्होंने यह संदर्भ साल 2020 की उस घटना के लिए दिया, जहां ग्रामीणों की भीड़ ने बच्चा चोर होने के संदेह में दो साधुओं और उनके चालक की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
निरुपम ने तंज कसते हुए कहा, ‘‘जब ऐसे लोग राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे रावण पाठ कर रहा हो।’’
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों के खिलाफ अपने ‘राम रक्षा आंदोलन’ की शुरुआत से पहले, ठाकरे ने शनिवार को नागपुर के एक राम मंदिर में अपनी पार्टी के सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ पूजा-अर्चना और आरती की।
भाषा सुमित नेत्रपाल
नेत्रपाल

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