ठाणे, 17 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे शहर की एक सत्र अदालत ने पांच साल पहले संपत्ति विवाद को लेकर एक व्यक्ति की हत्या के मामले में एक महिला और उसके सहयोगी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
न्यायाधीश वी. जी. मोहिते ने कल्पना बालिराम नागलकर (50) और संतोष चंद्रकांत घुगरे (35) को दोषी ठहराया, जबकि अपर्याप्त सबूतों के कारण गीता अविनाश आरोलकर और मंगेश गणेश मुरुडकर नामक दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।
अदालत के 10 अक्टूबर के आदेश की प्रति बृहस्पतिवार रात उपलब्ध कराई गई।
अतिरिक्त लोक अभियोजक रश्मि क्षीरसागर के अनुसार, मृतक तानाजी लक्ष्मण जाविर यहां नागलकर परिवार की संपत्ति की देखभाल करता था। कल्पना के पति की मृत्यु के बाद परिवार ने जाविर को संपत्ति में हिस्सा देने से इनकार कर दिया, जबकि उसके पति ने जीवित रहते हुए उसे संपत्ति में हिस्सा देने का वादा किया था। इसके बाद कल्पना ने जाविर की हत्या की साजिश रचने के लिए घुगरे की मदद ली।
घुगरे ने 17 जुलाई, 2020 को जाविर को शराब पीने के बहाने नदी किनारे बुलाया और उसे कीटनाशक मिलाकर शराब पिला दी। जहरीली शराब पीने से उसकी मौत हो गई, जिसके बाद शव को नाले में फेंक दिया गया।
बाद में पानी से एक कंकाल बरामद हुआ, जिसकी पहचान डीएनए जांच के जरिए जाविर के रूप में हुई।
क्षीरसागर ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को साबित करने के लिए 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
अदालत ने कल्पना और घुगरे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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वैभव