(Chaitra Navratri 2026/ Image Credit: IBC24 News)
Chaitra Navratri 2026 Day 1: पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि का महापर्व आज गुरुवार 19 मार्च से शुरू हो गया है। यह पर्व नौ दिनों तक चलता है और इस दौरान मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन पर्वतराज हिमालय की पुत्री, मां शैलपुत्री की आराधना की जाती है। इस दिन उनकी पूजा करने से यश, कीर्ति और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
मां शैलपुत्री को प्रसन्न करने के लिए उनके पसंदीदा भोग का विशेष महत्व है। भोग अर्पित करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। पूजा में अर्पित हर वस्तु में शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार माना जाता है।
मां शैलपुत्री को घी का भोग अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। घी अर्पित करने से शरीर स्वस्थ रहता है और घर में खुशहाली आती है। धार्मिक मान्यता है कि घी का दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
मां को सफेद रंग की मिठाइयां जैसे बर्फी, पेड़ा या खीर अर्पित करना शुभ होता है। सफेद रंग शांति और पवित्रता का प्रतीक है। इसके अलावा, दूध, दही और उनसे बने पकवान अर्पित करने से घर में शांति और सौभाग्य बढ़ता है।
मां शैलपुत्री को मिश्री या शक्कर का भोग देने से जीवन में मिठास बनी रहती है। यह रिश्तों में मधुरता और आपसी सौहार्द को बढ़ाता है। भोग को पूजा के बाद प्रसाद के रूप में परिवार में बांटना भी शुभ माना जाता है।
भोग अर्पित करने से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ रखें। मां को भोग सच्चे मन से अर्पित करें। नवरात्रि का पहला दिन नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन मां शैलपुत्री की पूजा करने से आत्मविश्वास, साहस और मानसिक शांति बढ़ती है।