आज नवजोत सिंह सिद्धू की होगी जेल से रिहाई, स्वागत के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं का लगा जमावड़ा

Navjot Singh Sidhu will be released from jail Today: आज शनिवार को कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के जेल से बाहर आएंगे।

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  • Publish Date - April 1, 2023 / 11:04 AM IST,
    Updated On - April 1, 2023 / 11:04 AM IST

Navjot Singh Sidhu will be released from jail Today : नई दिल्ली। नवजोत सिंह सिद्धू  को पंजाब की राजनीति का एक बड़ा नाम माना जाता है। पटियाला की केंद्रीय जेल में करीब 10 महीने बिताने के बाद आज शनिवार को कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के जेल से बाहर आएंगे। नवजोत सिंह सिद्धू के आज रिहाई की संभावना है। बता दें कि सिद्धू रोड रेज मामले में सजा काट रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 19 मई को रोड रेज के मामले में एक साल की सजा सुनाई थी। आज रिहा होने के बाद सिद्धू पटियाला जेल के बाहर मीडिया से बात करेंगे। सिद्धू के रिहा होने से पहले ही पटियाला जेल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचने लगे हैं और ढोल नगाड़े बजाकर सिद्धू की रिहाई का जश्न मनाया जा रहा है।

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Navjot Singh Sidhu will be released from jail Today : नवजोत सिंह सिद्धू के रिहाई की जानकारी सिद्धू के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिए शुक्रवार को दी गई थी। इसके साथ ही साथ उनके परिवार वालों ने भी इस बात पर मुहर लगाई थी। बता दें कि, जेल से उनकी निर्धारित रिहाई 16 मई को थी, लेकिन अपने अच्छे आचरण के चलते सिद्धू को शीर्ष अदालत द्वारा दी गई एक साल की सजा में 45 दिन की छूट मिलेगी। सिद्धू को पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने 1988 के रोड रेज केस में 1 साल की सजा सुनाई थी। वे पिछले 10 महीने से जेल में बंद हैं।

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नवजोत सिंह सिद्धू 1988 में एक रोड रेज की घटना में आरोपी थे। यह मामला दिसंबर 1988 में सिद्धू और उसके दोस्त पर हमला करने के बाद एक व्यक्ति गुरनाम सिंह की मौत से संबंधित है। 27 दिसंबर, 1988 को, सिद्धू और रूपिंदर सिंह संधू ने पटियाला में शेरांवाला गेट क्रॉसिंग के पास सड़क के बीच में कथित तौर पर अपनी जिप्सी खड़ी कर दी थी। जब 65 वर्षीय गुरनाम सिंह कार से मौके पर पहुंचे तो उन्होंने उन्हें एक तरफ हटने को कहा।

इसके बाद सिद्धू ने सिंह की पिटाई कर दी। सिद्धू ने कथित तौर पर भागने से पहले सिंह की कार की चाबियां भी निकाल लीं ताकि उसे चिकित्सा सहायता न मिल सके। सितंबर 1999 में, सिद्धू को हत्या के आरोप से बरी कर दिया गया था। हालांकि, दिसंबर 2006 में, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने नवजोत सिंह सिद्धू और रूपिंदर सिंह संधू दोनों को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया, जो हत्या की कोटि में नहीं था। प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

 

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