विश्व कप, एशियाई खेलों से पहले प्रो लीग के यूरोप चरण में खुद को परखने उतरेगी भारतीय हॉकी टीम

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विश्व कप, एशियाई खेलों से पहले प्रो लीग के यूरोप चरण में खुद को परखने उतरेगी भारतीय हॉकी टीम

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  • Publish Date - June 13, 2026 / 03:59 PM IST,
    Updated On - June 13, 2026 / 03:59 PM IST

रोटरडम, 13 जून (भाषा) भारतीय हॉकी टीम एफआईएच प्रो लीग के रविवार से शुरू हो रहे यूरोप चरण के पहले मुकाबले में मेजबान नीदरलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरूआत करेगी तो उसका लक्ष्य इस साल होने वाले दो बड़े टूर्नामेंटों से पहले खुद को आंकने का होगा ।

हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम विश्व कप और एशियाई खेलों से पहले प्रो लीग में नीदरलैंड और जर्मनी से खेलेगी । एशियाई खेल लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का क्वालीफाइंग टूर्नामेंट भी है ।

विश्व कप नीदरलैंड और बेल्जियम में 15 से 30 अगस्त के बीच खेला जायेगा जबकि एशियाई खेल जापान में 19 सितंबर से चार अक्टूबर के बीच होंगे ।

भारतीय टीम रविवार को नीदरलैंड के खिलाफ खेलेगी । इसके बाद जर्मनी से 17 और 18 जून को खेलना है । इसके बाद 21 जून को नीदरलैंड से मुकाबला होगा ।

नीदरलैंड के बाद भारतीय टीम लंदन जायेगी जहां 23 और 26 जून को पाकिस्तान से और 25 तथा 28 जून को इंग्लैंड से खेलना है ।

भारत इस समय नौ टीमों में आठवें स्थान पर है जबकि पाकिस्तान उससे नीचे है । भारत के आठ मैचों में चार अंक है । बेल्जियम आठ मैचों में 22 अंक लेकर शीर्ष पर है । आस्ट्रेलिया (21 अंक) दूसरे और अर्जेंटीना (17 अंक) तीसरे स्थान पर है । नीदरलैंड 15 अंक लेकर चौथे स्थान पर है ।

भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने कहा ,‘‘ प्रो लीग विश्व कप की तैयारियों के लिये अहम है । नीदरलैंड और इंग्लैंड में शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने से हमें खुद को आंकने का मौका मिलेगा । इन मैचों में हम अलग अलग संयोजन भी आजमा सकेंगे ।’’

भारत नीदरलैंड में खेलने के मौके का भी पूरा फायदा उठाना चाहेगा जो विश्व कप का सह मेजबान भी है ।

फुल्टोन ने कहा ,‘‘ नीदरलैंड में हॉकी खेलना अच्छा मौका है । मैदान भरे रहते हैं और अच्छा माहौल रहता है ।’’

भारत के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह के पास हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की का 412 अंतरराष्ट्रीय मैचों का रिकॉर्ड बराबर करने का भी मौका है ।

टिर्की ने कहा ,‘‘ भारत के लिये सर्वाधिक 412 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के रिकॉर्ड की बराबरी का मनप्रीत के पास मौका है । ऐसी उपलब्धि जो उनके असाधारण कौशल और टीम के साथ अटूट नाते की बानगी है ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ पिछले कुछ अर्से में मनप्रीत भारतीय मिडफील्ड की धुरी रहे हैं । तोक्यो ओलंपिक 2020 में उनकी कप्तानी में टीम ने कांस्य पदक जीता । मैच दर मैच, साल दर साल इस लय को कायम रखना बताता है कि वह कितने जबर्दस्त खिलाड़ी हैं ।’’

भाषा मोना नमिता

नमिता