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Aaj Ka Panchang 28 March 2026: नई दिल्ली: सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व होता है और हर दिन की तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ समय व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। 28 मार्च, शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का संयोग बन रहा है, जिसे भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत, पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत करना लाभकारी हो सकता है, हालांकि कुछ समय ऐसे भी हैं जिन्हें टालना बेहतर रहेगा।
पंचांग के अनुसार, सुबह 08 बजकर 45 मिनट तक शुक्ल दशमी तिथि रहेगी, इसके बाद शुक्ल एकादशी का आरंभ हो जाएगा। एकादशी तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है और इस दिन व्रत रखने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। वहीं, नक्षत्र की बात करें तो दिन की शुरुआत पुष्य नक्षत्र के साथ होगी, जो दोपहर 02 बजकर 50 मिनट तक प्रभावी रहेगा। पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है, खासकर नए कार्यों की शुरुआत, निवेश या धार्मिक कार्यों के लिए यह समय उत्तम होता है। इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र प्रारंभ होगा, जिसमें सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसे थोड़ा संवेदनशील माना जाता है।
शुभ मुहूर्तों की बात करें तो दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त से होगी, जो सुबह 04:44 से 05:30 तक रहेगा। यह समय ध्यान, साधना और पूजा-पाठ के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इसके अलावा अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:02 से 12:52 तक रहेगा, जिसमें कोई भी महत्वपूर्ण कार्य किया जा सकता है। विजय मुहूर्त दोपहर 02:31 से 03:20 तक रहेगा, जो विशेष रूप से यात्रा और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। वहीं, अमृत काल सुबह 08:35 से 10:09 तक रहेगा, जो अत्यंत लाभकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समय माना जाता है।
हालांकि दिन में कुछ अशुभ समय भी रहेंगे, जिनका विशेष ध्यान रखना जरूरी है। राहुकाल सुबह 09:22 से 10:55 तक रहेगा, इस दौरान किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। यमगण्ड काल दोपहर 02:00 से 03:32 तक प्रभावी रहेगा और गुलिक काल सुबह 06:17 से 07:49 तक रहेगा। इन समयों में शुभ कार्यों से दूरी बनाए रखना ही बेहतर माना जाता है। इसके अलावा भद्रा काल रात 08:13 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह तक रहेगा, जिसे मांगलिक कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है।
ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो इस दिन चंद्रमा कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि सूर्य मीन राशि में विराजमान होगा। यह योग मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अनुकूल माना जाता है। वसंत ऋतु और उत्तरायण का प्रभाव भी इस समय जारी है, जो सकारात्मक ऊर्जा, नई शुरुआत और उत्साह को बढ़ाने वाला माना जाता है। कुल मिलाकर, 28 मार्च का दिन धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और आत्मिक उन्नति के लिए बेहद शुभ संकेत दे रहा है, बस अशुभ समय का ध्यान रखते हुए दिनचर्या की योजना बनाना आवश्यक है।