(Agneshwar Mahadev Mandir Mount Abu/ Image Credit: Facebook)
माउंट आबू: Agneshwar Mahadev Mandir Mount Abu: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए बहुत पवित्र माना जाता है। इस दौरान देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। साल 2026 में सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा। अगर आप इस दौरान किसी अनोखे शिव मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं तो राजस्थान के माउंट आबू स्थित अग्नेश्वर महादेव मंदिर (Agneshwar Mahadev Mandir Mount Abu) आपके लिए बेहद खास जगह हो सकती है।
अग्नेश्वर महादेव मंदिर राजस्थान के प्रसिद्ध हिल स्टेशन माउंट आबू में अरावली पर्वतमाला (Agneshwar Mahadev Mandir Mount Abu) के बीच स्थित है। यह मंदिर देलवाड़ा से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर है। प्राकृतिक सुंदरता से घिरे इस मंदिर में पूरे साल भक्त पहुंचते हैं लेकिन सावन के महीने में यहां विशेष पूजा, अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है।
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित दो शिवलिंग हैं। खास बात यह है कि दोनों शिवलिंग एक ही गर्भगृह में आमने-सामने विराजमान हैं। इसके अलावा दोनों शिवलिंगों के साथ शिव परिवार की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह व्यवस्था भगवान शिव और माता शक्ति के विशेष स्वरूप का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से यह मंदिर अन्य शिव मंदिरों से अलग महत्व रखता है।
धार्मिक कथाओं के अनुसार, अग्नेश्वर महादेव मंदिर का संबंध प्राचीन ऋषि परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि इस स्थान पर महर्षि विश्वामित्र और भगवान धन्वंतरि ने तपस्या की थी। इसी कारण यह स्थान शिव आराधना के साथ-साथ आध्यात्मिक साधना का भी महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
अग्नेश्वर महादेव मंदिर परिसर में मौजूद जलकुंड भी श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्ध है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस कुंड का जल कभी समाप्त नहीं होता। भक्त इसे बेहद पवित्र मानते हैं और श्रद्धा के साथ अपने घर भी लेकर जाते हैं। कई लोगों की आस्था है कि इस जल का उपयोग धार्मिक और शुभ कार्यों में किया जाता है।
सावन के महीने में अग्नेश्वर महादेव मंदिर (Agneshwar Mahadev Mandir Mount Abu) में भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है। श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और रुद्राभिषेक कराकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। दो शिवलिंगों वाला यह अनोखा मंदिर आस्था और रहस्य के कारण भक्तों के बीच विशेष आकर्षण बना हुआ है।