नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (टीएमपीवी) के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि भारतीय वाहन उद्योग में तेज वृद्धि की संभावना है और यदि वर्ष 2030 तक उद्योग का आकार 60 लाख वाहनों तक पहुंचता है, तो कंपनी को 20 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य रखना चाहिए।
गोवा में आयोजित ‘टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स डीलर बिजनेस प्लानिंग मीट 2026’ को संबोधित करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी साल 2030 तक 35,000 करोड़ रुपये का भारी पूंजीगत निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है और जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे इस योजना की समीक्षा की जाएगी।
चंद्रशेखरन ने कहा कि वर्ष 2017 में जब कंपनी से यात्री वाहन व्यवसाय छोड़कर केवल वाणिज्यिक वाहनों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही जा रही थी, तब से लेकर अब तक कंपनी देश के शीर्ष दो कंपनियों में शामिल हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि कंपनी का उत्पाद पोर्टफोलियो प्रतिस्पर्धी और लगातार विस्तार कर रहा है तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में टाटा मोटर्स ने अग्रणी स्थिति हासिल की है।
चंद्रशेखरन ने कहा, “हमारी इलेक्ट्रिक वाहन यात्रा जो सात से आठ साल पहले एक सुनियोजित दांव के रूप में शुरू हुई थी, अब एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बढ़त में बदल चुकी है। वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव और बढ़ती मांग को देखते हुए यह हमें भविष्य के लिए मजबूत स्थिति में रखती है।”
भविष्य की संभावनाओं पर बात करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा, “भारतीय वाहन उद्योग तेज वृद्धि की ओर बढ़ रहा है। यदि साल 2030 तक उद्योग 60 लाख वाहनों की ओर बढ़ता है, तो ऐसा कोई कारण नहीं है कि हमें 12 लाख वाहनों की बिक्री और 20 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य नहीं रखना चाहिए।’
उन्होंने यह भी कहा कि यह लक्ष्य सही उत्पाद, निवेश, उत्पादन क्षमता और बेहतर निष्पादन के साथ हासिल किया जा सकता है।
चंद्रशेखरन ने कहा कि टीएमपीवी को अच्छी कंपनी से उत्कृष्ट कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा, क्योंकि महान कंपनियों की पहचान स्थिर परिस्थितियों में नहीं बल्कि कठिन परिस्थितियों में प्रदर्शन से होती है।
उन्होंने डीलरों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बिक्री, सेवा और ग्राहक अनुभव में मजबूत साझेदारी के बिना कंपनी अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर सकती।
भाषा योगेश रमण
रमण