Kharmas 2025 ke Upay: हिंदू धर्म में खरमास का खास महत्व होता है। सूर्य देव के धनु और मीन राशि में प्रवेश करने पर खरमास लगता है। ज्योतिष शास्त्रों के मुताबिक, साल में दो बार खरमास लगता है, जिसे हिंदू धर्म में एक अशुभ अवधि माना गया है। खरमास में शुभ और मांगलिक कार्य पर रोक होती है, लेकिन पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है। खरमास में सूर्य देव की आराधना का विधान है। कहा जाता है कि, खरमास में सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए उपाय से करियर में मनचाही सफलता मिलती है और सभी दुखों व संकटों से छुटकारा मिलता है। आइए जानते हैं कौनसे हैं वो उपाय…
खरमास 2025 की शुरुआत 14 मार्च को शाम 6:59 बजे से हो चुकी है, जिसका 13 अप्रैल 2025 को होगा। इस दौरान सूर्य ने मीन राशि में प्रवेश करेगा। इस अवधि में ग्रहों की ऊर्जा शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती, इसलिए इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
खरमास एक विशेष अवधि होती है जब सूर्य देव धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं। इसे ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार अशुभ समय माना जाता है और यह साल में दो बार आता है।
खरमास कब खत्म होगा?
खरमास की शुरुआत 14 मार्च को शाम 6:59 बजे से हो चुकी है और यह 13 अप्रैल 2025 तक रहेगा।
क्या खरमास में शुभ कार्य किए जा सकते हैं?
खरमास में सामान्यत: शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक होती है, लेकिन पूजा-पाठ करना और सूर्य देव की आराधना करना शुभ माना जाता है।
खरमास में सूर्य देव की पूजा क्यों की जाती है?
खरमास में सूर्य देव की पूजा से मनचाही सफलता प्राप्त करने के उपाय किए जाते हैं और सभी दुखों व संकटों से छुटकारा मिलता है, इसीलिए इसे विशेष रूप से किया जाता है।